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जाली डिग्री मामले में शिकायतकर्ता, पार्षद के बयान दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Wed, 02 Dec 2015 03:16 PM IST
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी झांसी के नाम की जाली एमसीए डिग्री के मामले में पुलिस ने शिकायतकर्ता व एक कैंटोनमेंट बोर्ड के पार्षद के बयान दर्ज किए हैं। यह जाली डिग्री कैंटोनमेंट बोर्ड के एक अधिकारी ने पांच लाख रुपये लेकर वहीं पर चपरासी के पद पर कार्यरत एक मुलाजिम को दी थी।
मुलाजिम ने जाली डिग्री होने पर शिकायत एसएसपी हरदायल सिंह मान को दी थी। इस मामले की जांच-पड़ताल डीएसपी विभोर शर्मा कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने शिकायतकर्ता व कैंटोनमेंट बोर्ड में चपरासी के पद पर कार्यरत अमरदीप पुत्र अम्मी चंद के बयान दर्ज किए हैं। अमरदीप ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कैंटोनमेंट बोर्ड के एक अधिकारी ने उसे पांच लाख रुपये में एमसीए की जाली डिग्री दी थी।
जब उसे पता चला कि डिग्री जाली है तो उसने पुलिस को शिकायत दी। अमरदीप ने डीएसपी विभोर शर्मा को जाली डिग्री संबंधी अपने बयान दर्ज करवाए हैं।
दूसरी तरह कैंटोनमेंट बोर्ड के पार्षद जोरा सिंह संधू ने भी पुलिस को अपने बयान दर्ज करवाए हैं। सूत्रों के मुताबिक जब अमरदीप को जाली डिग्री संबंधी पता चला तो उक्त अधिकारी से अपने पैसे वापस लेने के लिए पार्षद की मदद ली। पीड़ित ने उक्त अधिकारी द्वारा की गई हेराफेरी संबंधी उसे बताया। जब जोरा ने उक्त अधिकारी से पीड़ित के पैसे वापिस करने की बात कही तो अधिकारी ने स्वीकार कर लिए।
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यही नहीं जाली डिग्री देने पर माफी भी मांगी और माफीनामे पर अपने हस्ताक्षर भी किए। काफी समय बीतने के बाद भी उक्त अधिकारी ने पीड़ित के पांच लाख रुपये नहीं लौटाए। पीड़ित ने पुलिस को यह भी बताया कि उक्त अधिकारी ने ऐसी जाली डिग्री कई कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों को भी दी है जिन्होंने तरक्की भी हासिल की है।
उक्त अधिकारी ने अपने घर के सामने एक अकादमी बनाई है जिसे उसकी पत्नी व अन्य रिश्तेदार चलाते हैं। यही नहीं मानसा में भी एक इंस्टीट्यूट है वहां से भी कई लोगों को जाली डिग्रियां दिलवाई हैं।
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मुलाजिम ने जाली डिग्री होने पर शिकायत एसएसपी हरदायल सिंह मान को दी थी। इस मामले की जांच-पड़ताल डीएसपी विभोर शर्मा कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने शिकायतकर्ता व कैंटोनमेंट बोर्ड में चपरासी के पद पर कार्यरत अमरदीप पुत्र अम्मी चंद के बयान दर्ज किए हैं। अमरदीप ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कैंटोनमेंट बोर्ड के एक अधिकारी ने उसे पांच लाख रुपये में एमसीए की जाली डिग्री दी थी।
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जब उसे पता चला कि डिग्री जाली है तो उसने पुलिस को शिकायत दी। अमरदीप ने डीएसपी विभोर शर्मा को जाली डिग्री संबंधी अपने बयान दर्ज करवाए हैं।
दूसरी तरह कैंटोनमेंट बोर्ड के पार्षद जोरा सिंह संधू ने भी पुलिस को अपने बयान दर्ज करवाए हैं। सूत्रों के मुताबिक जब अमरदीप को जाली डिग्री संबंधी पता चला तो उक्त अधिकारी से अपने पैसे वापस लेने के लिए पार्षद की मदद ली। पीड़ित ने उक्त अधिकारी द्वारा की गई हेराफेरी संबंधी उसे बताया। जब जोरा ने उक्त अधिकारी से पीड़ित के पैसे वापिस करने की बात कही तो अधिकारी ने स्वीकार कर लिए।
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यही नहीं जाली डिग्री देने पर माफी भी मांगी और माफीनामे पर अपने हस्ताक्षर भी किए। काफी समय बीतने के बाद भी उक्त अधिकारी ने पीड़ित के पांच लाख रुपये नहीं लौटाए। पीड़ित ने पुलिस को यह भी बताया कि उक्त अधिकारी ने ऐसी जाली डिग्री कई कैंटोनमेंट बोर्ड के अधिकारियों को भी दी है जिन्होंने तरक्की भी हासिल की है।
उक्त अधिकारी ने अपने घर के सामने एक अकादमी बनाई है जिसे उसकी पत्नी व अन्य रिश्तेदार चलाते हैं। यही नहीं मानसा में भी एक इंस्टीट्यूट है वहां से भी कई लोगों को जाली डिग्रियां दिलवाई हैं।