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विज्ञापन घोटाले की जांच जम्मू-कश्मीर सीबीआई ब्रांच को सौंपी
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Wed, 25 Nov 2015 02:32 PM IST
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रेल डिवीजन फिरोजपुर के कामर्शियल विभाग में जम्मू-कश्मीर और जालंधर में विज्ञापन के लिए जगह अलाट करने में हुए पांच करोड़ रुपये के घोटाले की जांच सीबीआई चंडीगढ़ ब्रांच ने जम्मू-कश्मीर सीबीआई ब्रांच को सौंप दी है।
वहां की सीबीआई टीम ने रेल डिवीजन फिरोजपुर से घोटाले से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। बताया जा रहा है कि डीएमयू कश्मीर वैली और जनशताब्दी एक्सप्रेस (12053/54) में वाणिज्यक प्रचार-प्रसार ठेकों में हेराफेरी की थी।
सूत्रों के मुताबिक घोटाले की जांच चंडीगढ़ ब्रांच की सीबीआई कर रही थी, लेकिन अब जम्मू-कश्मीर मामले की जांच कश्मीर ब्रांच की सीबीआई को सौंप दी गई है। वहां की सीबीआई टीम ने घोटाले से संबंधित रिकार्ड रेल मंडल कार्यालय फिरोजपुर के अधिकारियों से मांगा है।
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जालंधर की जांच चंडीगढ़ सीबीआई टीम ही कर रही है। इससे पहले लुधियाना और अमृतसर में हुए 6.09 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच सीबीआई लगभग पूरी कर चुकी है। जल्द ही इसका चालान अदालत में पेश किया जाएगा। उक्त दोनों घोटालों (6.09 करोड़ व पांच करोड़ के घोटाले) में रेल डिवीजन फिरोजपुर के तत्कालीन सीनियर डीसीएम, डीसीएम समेत दर्जनों मुलाजिमों के खिलाफ सीबीआई ने मामले दर्ज किए हुए हैं।
जानकारों का कहना है कि रेलवे के अधिकारियों ने घोटाला करते हुए कई फाइलों से सबूत हटाने के लिए छेड़खानी की है, जिनके सबूत सीबीआई ने खोज लिए हैं।
फाइलों में से विभिन्न पेपरों को हटाकर गायब किया हुआ है। लाइसेंस फीस के चेक रेलवे खाते में जमा नहीं करवाए गए हैं। ऐसी और कई खामियां दस्तावेजों में से मिली हैं।
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वहां की सीबीआई टीम ने रेल डिवीजन फिरोजपुर से घोटाले से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। बताया जा रहा है कि डीएमयू कश्मीर वैली और जनशताब्दी एक्सप्रेस (12053/54) में वाणिज्यक प्रचार-प्रसार ठेकों में हेराफेरी की थी।
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सूत्रों के मुताबिक घोटाले की जांच चंडीगढ़ ब्रांच की सीबीआई कर रही थी, लेकिन अब जम्मू-कश्मीर मामले की जांच कश्मीर ब्रांच की सीबीआई को सौंप दी गई है। वहां की सीबीआई टीम ने घोटाले से संबंधित रिकार्ड रेल मंडल कार्यालय फिरोजपुर के अधिकारियों से मांगा है।
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जालंधर की जांच चंडीगढ़ सीबीआई टीम ही कर रही है। इससे पहले लुधियाना और अमृतसर में हुए 6.09 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच सीबीआई लगभग पूरी कर चुकी है। जल्द ही इसका चालान अदालत में पेश किया जाएगा। उक्त दोनों घोटालों (6.09 करोड़ व पांच करोड़ के घोटाले) में रेल डिवीजन फिरोजपुर के तत्कालीन सीनियर डीसीएम, डीसीएम समेत दर्जनों मुलाजिमों के खिलाफ सीबीआई ने मामले दर्ज किए हुए हैं।
जानकारों का कहना है कि रेलवे के अधिकारियों ने घोटाला करते हुए कई फाइलों से सबूत हटाने के लिए छेड़खानी की है, जिनके सबूत सीबीआई ने खोज लिए हैं।
फाइलों में से विभिन्न पेपरों को हटाकर गायब किया हुआ है। लाइसेंस फीस के चेक रेलवे खाते में जमा नहीं करवाए गए हैं। ऐसी और कई खामियां दस्तावेजों में से मिली हैं।