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सुनाम में पावरकॉम ने शुरू की स्पाट बिलिंग योजना
Firozpur
Updated Sat, 14 Sep 2013 05:38 AM IST
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सुनाम(संगरूर)। पावरकॉम ने शहर में उपभोक्ताओं के लिए स्पॉट बिलिंग(बिजली कंज्यूमर को
मीटर रीडिंग लेने के तुंरत बाद मौके पर बिल देना) योजना शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग ने
मौके पर ही बिल जारी करने के लिए तीन मशीनों का प्रबंध किया है और मीटर रीडर ही डोर टू
डोर रीडिंग लेकर मशीन में डाटा फीड करते हैं। सर्वर से जुड़ी मशीन तुंरत बिल की प्रति जारी कर
देती है। इस योजना से उपभोक्ताओं की बिल देरी से मिलने की समस्या समाप्त हो गई है और
रीडिंग में गलती की गुंजाइश भी नहीं के बराबर रह गई है।
पावरकॉम से एक्सईएन सिटी तरसेम जिंदल ने विशेष बातचीत में कहा कि पहले बिजली
बिल जारी करने की विधि लंबी थी। मीटर से रीडिंग लेने के बाद पूरे डाटे को विभाग के मुख्यालय
भेजा जाता था और फिर चंडीगढ से बिल तैयार होकर मंडलों में आते थे। इसके बाद उपभोक्ताओं
तक बिल पहुंचाए जाते थे। इसमें विभाग को करीब सवा माह का समय लग रहा था। बिल
बांटने के दौरान बिल नहीं मिलने तथा रीडिंग में गलती की शिकायतें अक्सर सामने आ रही थीं।
अब इन तमाम शिकायतों पर तो अंकुश लग गया है। उपभोक्ता के सामने बिल तैयार होने से कोई
शिकायत नहीं रहेगी। विभाग को भी बिल बांटने वाले मुलाजिमों का खर्च बचेगा और कंज्यूमर भी
संतुष्ट होगा।
बाक्स
उपभोक्ताओं से मांगा सहयोग
शहरी बिजली उपभोक्ताओं ने मई व जून 2013 का बिल अगस्त 2013 में अदा किया है। स्पॉट बिलिंग के कारण जुलाई व अगस्त 2013 माह का बिल तुरंत जारी होने के कारण उपभोक्ता एक माह बाद ही बिल भरने में असमर्थता जता रहे हैं। इस संबंध में एक्सईएन जिंदल ने बिजली उपभोक्ताओं से सहयोग की मांग करते कहा कि एक बार ही ऐसी दिक्कत महसूस होगी। इसके बाद सामान्य स्थिती बन जाएगी।
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मीटर रीडिंग लेने के तुंरत बाद मौके पर बिल देना) योजना शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग ने
मौके पर ही बिल जारी करने के लिए तीन मशीनों का प्रबंध किया है और मीटर रीडर ही डोर टू
डोर रीडिंग लेकर मशीन में डाटा फीड करते हैं। सर्वर से जुड़ी मशीन तुंरत बिल की प्रति जारी कर
देती है। इस योजना से उपभोक्ताओं की बिल देरी से मिलने की समस्या समाप्त हो गई है और
रीडिंग में गलती की गुंजाइश भी नहीं के बराबर रह गई है।
पावरकॉम से एक्सईएन सिटी तरसेम जिंदल ने विशेष बातचीत में कहा कि पहले बिजली
बिल जारी करने की विधि लंबी थी। मीटर से रीडिंग लेने के बाद पूरे डाटे को विभाग के मुख्यालय
भेजा जाता था और फिर चंडीगढ से बिल तैयार होकर मंडलों में आते थे। इसके बाद उपभोक्ताओं
तक बिल पहुंचाए जाते थे। इसमें विभाग को करीब सवा माह का समय लग रहा था। बिल
बांटने के दौरान बिल नहीं मिलने तथा रीडिंग में गलती की शिकायतें अक्सर सामने आ रही थीं।
अब इन तमाम शिकायतों पर तो अंकुश लग गया है। उपभोक्ता के सामने बिल तैयार होने से कोई
शिकायत नहीं रहेगी। विभाग को भी बिल बांटने वाले मुलाजिमों का खर्च बचेगा और कंज्यूमर भी
संतुष्ट होगा।
बाक्स
उपभोक्ताओं से मांगा सहयोग
शहरी बिजली उपभोक्ताओं ने मई व जून 2013 का बिल अगस्त 2013 में अदा किया है। स्पॉट बिलिंग के कारण जुलाई व अगस्त 2013 माह का बिल तुरंत जारी होने के कारण उपभोक्ता एक माह बाद ही बिल भरने में असमर्थता जता रहे हैं। इस संबंध में एक्सईएन जिंदल ने बिजली उपभोक्ताओं से सहयोग की मांग करते कहा कि एक बार ही ऐसी दिक्कत महसूस होगी। इसके बाद सामान्य स्थिती बन जाएगी।