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गरीबी और कर्ज से परेशान मजदूर ने जान दी
ब्यूरो/अमर उजाला, मानसा
Updated Fri, 26 Feb 2016 02:44 PM IST
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गांव खीवाकलां में ईंट भट्ठे पर काम करने वाले एक मजदूर ने बुधवार रात को गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि करीब 28 वर्षीय उक्त मजदूर गरीबी और कर्ज से परेशान था।
गांव खीवाकलां निवासी युवा मजदूर गुरजीत सिंह एक पांच साल की बेटी और चार साल के बेटे का पिता था। उसने बुधवार रात को करीब 9 बजे गले में फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। वीरवार को लाल झंडा भट्ठा मजदूर यूनियन पंजाब एकटू के जिला प्रधान अमरीक सिंह समाओ ने सिविल अस्पताल में परिजनों के साथ दुख सांझा किया।
उन्होंने कहा कि गुरजीत बीते करीब 15 साल से मजदूरी कर अपने परिवार को पाल रहा था। उस पर चढ़े कर्ज एवं गरीबी से वह बीते कुछ समय से बहुत परेशान रहने लगा।
उन्होंने बताया कि गुरजीत सिंह ने देर रात को आत्महत्या की। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि आत्महत्या कर चुके मजदूर गुरजीत सिंह के परिवार पर चढ़ा पूरा कर्ज माफ किया जाए। साथ ही परिवार के गुजारे के लिए 10 लाख मुआवजा और एक पारिवारिक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
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गांव खीवाकलां निवासी युवा मजदूर गुरजीत सिंह एक पांच साल की बेटी और चार साल के बेटे का पिता था। उसने बुधवार रात को करीब 9 बजे गले में फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। वीरवार को लाल झंडा भट्ठा मजदूर यूनियन पंजाब एकटू के जिला प्रधान अमरीक सिंह समाओ ने सिविल अस्पताल में परिजनों के साथ दुख सांझा किया।
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उन्होंने कहा कि गुरजीत बीते करीब 15 साल से मजदूरी कर अपने परिवार को पाल रहा था। उस पर चढ़े कर्ज एवं गरीबी से वह बीते कुछ समय से बहुत परेशान रहने लगा।
उन्होंने बताया कि गुरजीत सिंह ने देर रात को आत्महत्या की। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि आत्महत्या कर चुके मजदूर गुरजीत सिंह के परिवार पर चढ़ा पूरा कर्ज माफ किया जाए। साथ ही परिवार के गुजारे के लिए 10 लाख मुआवजा और एक पारिवारिक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
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