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दो गुटों में टकराव, आधा दर्जन घायल
अमर उजाला,कोटकपूरा (फरीदकोट)
Updated Mon, 04 Nov 2013 11:13 PM IST
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कोटकपूरा में स्थानीय दुयारेआना रोड स्थित शेर-ए-पंजाब नगर की एक धर्मशाला में सोमवार को गुरुद्वारा साहिब बनाने की मंशा से निशान साहिब लगाने पर विवाद खड़ा हो गया।
इस विवाद के चलते मोहल्ले के दो गुटों में हुए टकराव से करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। देर शाम पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया है।
जानकारी के अनुसार शेर-ए-पंजाब नगर में कुछ वर्ष पहले सामाजिक कार्यों के लिए एक धर्मशाला बनाने को एक सांझी जमीन रखी गई थी।
इस जमीन पर एक कांग्रेस नेता से मिले अनुदान से धर्मशाला के कमरे भी बनाए हैं। अब इस धर्मशाला को लेकर मोहल्ले के लोग दो गुटों में बंट गए हैं।
एक गुट धर्मशाला बनाने का पक्षधर है। दूसरा गुट इसे गुरुद्वारा साहिब का रूप देना चाहता है। दोनों गुटों की तनातनी के बीच रविवार देर रात एक गुट ने धर्मशाला में निशान साहिब की स्थापना कर दी।
सोमवार सुबह जानकारी मिलते ही दूसरा गुट भड़क उठा। इस गुट ने यहां पर विश्वकर्मा दिवस के उपलक्ष्य में श्री गुरुग्रंथ साहिब का अखंड पाठ का प्रकाश रखा था।
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इसका सोमवार को भोग डाला जाना था। भोग समारोह के दौरान ही दोनों गुटों के बीच टकराव शुरू हो गया। इसमें करीब छह लोग घायल हुए।
सूचना मिलते ही डीएसपी कोटकपूरा बलजीत सिंह सिद्धू समेत थाना सिटी प्रभारी अंगरेज सिंह, थाना सदर प्रभारी दविंदर सिंह की अगुवाई में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
हालात को देखते हुए पुलिस लाइन फरीदकोट से दंगा निरोधक दस्ता भी बुला लिया। कई घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों गुटों को शांत करवाया और देर शाम थाना सिटी में उनकी संयुक्त मीटिंग करवाई।
इस बैठक में फैसला हुआ कि यहां पर पहले की तरह धर्मशाला रहेगी। इस मामले में डीएसपी सिद्धू का दावा है कि पुलिस ने दोनों गुटों के बीच आपसी सहमति के आधार पर समझौता करवा दिया है।
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इस विवाद के चलते मोहल्ले के दो गुटों में हुए टकराव से करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। देर शाम पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया है।
जानकारी के अनुसार शेर-ए-पंजाब नगर में कुछ वर्ष पहले सामाजिक कार्यों के लिए एक धर्मशाला बनाने को एक सांझी जमीन रखी गई थी।
इस जमीन पर एक कांग्रेस नेता से मिले अनुदान से धर्मशाला के कमरे भी बनाए हैं। अब इस धर्मशाला को लेकर मोहल्ले के लोग दो गुटों में बंट गए हैं।
एक गुट धर्मशाला बनाने का पक्षधर है। दूसरा गुट इसे गुरुद्वारा साहिब का रूप देना चाहता है। दोनों गुटों की तनातनी के बीच रविवार देर रात एक गुट ने धर्मशाला में निशान साहिब की स्थापना कर दी।
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सोमवार सुबह जानकारी मिलते ही दूसरा गुट भड़क उठा। इस गुट ने यहां पर विश्वकर्मा दिवस के उपलक्ष्य में श्री गुरुग्रंथ साहिब का अखंड पाठ का प्रकाश रखा था।
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इसका सोमवार को भोग डाला जाना था। भोग समारोह के दौरान ही दोनों गुटों के बीच टकराव शुरू हो गया। इसमें करीब छह लोग घायल हुए।
सूचना मिलते ही डीएसपी कोटकपूरा बलजीत सिंह सिद्धू समेत थाना सिटी प्रभारी अंगरेज सिंह, थाना सदर प्रभारी दविंदर सिंह की अगुवाई में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
हालात को देखते हुए पुलिस लाइन फरीदकोट से दंगा निरोधक दस्ता भी बुला लिया। कई घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों गुटों को शांत करवाया और देर शाम थाना सिटी में उनकी संयुक्त मीटिंग करवाई।
इस बैठक में फैसला हुआ कि यहां पर पहले की तरह धर्मशाला रहेगी। इस मामले में डीएसपी सिद्धू का दावा है कि पुलिस ने दोनों गुटों के बीच आपसी सहमति के आधार पर समझौता करवा दिया है।