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सीएम ने ज्ञापन नहीं लिया, भड़के वालंटियर
अमर उजाला, बठिंडा
Updated Sat, 14 Jun 2014 10:56 PM IST
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इनोवेटिव एजुकेशन वालंटियर (आईईवी) प्रदर्शनकारी अध्यापक शनिवार को उस समय भड़क गए जब उनके एक प्रतिनिधिमंडल को तलवंडी साबो में संगत दर्शन करने पहुंचे सीएम प्रकाश सिंह बादल ने मांगों संबंधी मांग पत्र उन्हें देने के बजाय शिक्षामंत्री को मिलने के लिए कहा।
इसके चलते बठिंडा में सैकड़ों की तादाद मे एकत्र हुए प्रदर्शनकारी अध्यापकों ने बरनाला रोड जाम कर दिया। पुलिस ने धक्कामुक्की के बीच करीब 200 अध्यापकों को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक की टांग टूट गई।
शनिवार को अपनी मांगों के चलते राज्य भर से सैकड़ों वालंटियर रोज गार्डन में एकत्र हुए थे। प्रशासन की ओर से सीएम को मिलवाने के आश्वासन के बाद वालंटियरों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रशासन के साथ सीएम बादल को अपनी मांग देने के लिए तलवंडी गया था। तलवंडी में सीएम ने उनका मांग पत्र लेने के बजाय उन्हें अपनी मांगों संबंधी शिक्षा मंत्री को मिलने को कहा। इस पर वालंटियर भड़क गए व उन्होंने जीटी रोड पर धरना देकर जाम लगा दिया।
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जब पुलिस ने उनको काबू करने को कोशिश की तो उन्होंने इसका विरोध किया। जिससे उनमें व पुलिस में धक्का मुक्की हो गई। पुलिस तकरीबन दो सौ के करीब वालंटियरों को काबू कर लिया। इस दौरान कई वालंटियर घायल हो गए, जबकि एक वालंटियर की टांग टूट गई।
ये हैं यूनियन की मांगें
आई.ई.वी वालंटियर यूनियन के राज्य प्रधान हरप्रीत सिंह संधु व महासचिव कुलदीप सिंह ने बताया कि आईई वालंटियर सर्वशिक्षा अभियान के आईईडी कंपोनेंट के तहत लगभग पिछले छह साल से सरकारी स्कूलों में विशेष जरूरतों वाले बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अन्य विभिन्न सरकारी सुविधाएं मुहैया करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगें जिनमें उन्हें सीधे तौर पर सर्वशिक्षा अभियान में शामिल करके बनता ग्रेड व सभी सुविधाएं देना, उनका (आई.ई.वी) का साल 2014-15 का बजट जारी करके रुका हुआ वेतन जारी करना, वेतन में बढ़ोतरी करना, उन्हें तजुर्बे के आधार पर आई.ई.आर.टी में प्रमोट किया जाना आदि शामिल हैं।
नशों पर काबू पाने के लिए सरकार वचनबद्ध : सीएम
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी की सरकार सामाजिक भलाई और आर्थिक सुधारों को तेजी के साथ लागू करने के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है। बादल ने शनिवार को तलवंडी साबो विधानसभा हलके में संगत दर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि केंद्र में एनडीए की सरकार बनने से पंजाब सरकार को केंद्र से सहायता प्राप्त करना सुविधाजनक हो गया है। नई दिल्ली के हाल ही में किए गए दौरे के दौरान पंजाब की खेती विभिन्नता, बिजली उत्पादन, उद्योग, आर्थिक विकास और नदियों की सफाई संबंधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मीटिंग के दौरान उठाई गई मांगों का जिक्र करते बादल ने कहा कि उनको जल्दी ही यह मसले हल होने की आशा है और पंजाब जल्दी ही अपनी खोई हुई शान बहाल कर लेगा।
सूबे में नशों के संबंध में बादल ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही नशों के विरुद्ध अपनी मुहिम शुरू कर दी है और पंजाब को नशों से मुक्त करने के लिए सरकार पूरी तरह वचनबद्ध है। बादल ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा प्रधानमंत्री के पास उठाया है और उनको अंतरराष्ट्रीय सरहद सील करने की प्रार्थना की है क्योंकि कि नशे सरहद से पार से आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बड़ी स्तर पर नशे पकड़े हैं और कई लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
राज्य सरकार ने नशे के दलदल में फंसे लोगों को निकालने के लिए एक व्यापक योजना बनाई है। इसके तहत प्रदेश भर में नशा छुड़ाने के केंद्र खोले जा रहे हैं। अलग अलग अस्पतालों में मनोवैज्ञानिक माहिरों की सेवाओं ली जा रही हैं। नशों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक मुहिम शुरू गई है।
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इसके चलते बठिंडा में सैकड़ों की तादाद मे एकत्र हुए प्रदर्शनकारी अध्यापकों ने बरनाला रोड जाम कर दिया। पुलिस ने धक्कामुक्की के बीच करीब 200 अध्यापकों को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक की टांग टूट गई।
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शनिवार को अपनी मांगों के चलते राज्य भर से सैकड़ों वालंटियर रोज गार्डन में एकत्र हुए थे। प्रशासन की ओर से सीएम को मिलवाने के आश्वासन के बाद वालंटियरों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रशासन के साथ सीएम बादल को अपनी मांग देने के लिए तलवंडी गया था। तलवंडी में सीएम ने उनका मांग पत्र लेने के बजाय उन्हें अपनी मांगों संबंधी शिक्षा मंत्री को मिलने को कहा। इस पर वालंटियर भड़क गए व उन्होंने जीटी रोड पर धरना देकर जाम लगा दिया।
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जब पुलिस ने उनको काबू करने को कोशिश की तो उन्होंने इसका विरोध किया। जिससे उनमें व पुलिस में धक्का मुक्की हो गई। पुलिस तकरीबन दो सौ के करीब वालंटियरों को काबू कर लिया। इस दौरान कई वालंटियर घायल हो गए, जबकि एक वालंटियर की टांग टूट गई।
ये हैं यूनियन की मांगें
आई.ई.वी वालंटियर यूनियन के राज्य प्रधान हरप्रीत सिंह संधु व महासचिव कुलदीप सिंह ने बताया कि आईई वालंटियर सर्वशिक्षा अभियान के आईईडी कंपोनेंट के तहत लगभग पिछले छह साल से सरकारी स्कूलों में विशेष जरूरतों वाले बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अन्य विभिन्न सरकारी सुविधाएं मुहैया करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगें जिनमें उन्हें सीधे तौर पर सर्वशिक्षा अभियान में शामिल करके बनता ग्रेड व सभी सुविधाएं देना, उनका (आई.ई.वी) का साल 2014-15 का बजट जारी करके रुका हुआ वेतन जारी करना, वेतन में बढ़ोतरी करना, उन्हें तजुर्बे के आधार पर आई.ई.आर.टी में प्रमोट किया जाना आदि शामिल हैं।
नशों पर काबू पाने के लिए सरकार वचनबद्ध : सीएम
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी की सरकार सामाजिक भलाई और आर्थिक सुधारों को तेजी के साथ लागू करने के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है। बादल ने शनिवार को तलवंडी साबो विधानसभा हलके में संगत दर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि केंद्र में एनडीए की सरकार बनने से पंजाब सरकार को केंद्र से सहायता प्राप्त करना सुविधाजनक हो गया है। नई दिल्ली के हाल ही में किए गए दौरे के दौरान पंजाब की खेती विभिन्नता, बिजली उत्पादन, उद्योग, आर्थिक विकास और नदियों की सफाई संबंधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मीटिंग के दौरान उठाई गई मांगों का जिक्र करते बादल ने कहा कि उनको जल्दी ही यह मसले हल होने की आशा है और पंजाब जल्दी ही अपनी खोई हुई शान बहाल कर लेगा।
सूबे में नशों के संबंध में बादल ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही नशों के विरुद्ध अपनी मुहिम शुरू कर दी है और पंजाब को नशों से मुक्त करने के लिए सरकार पूरी तरह वचनबद्ध है। बादल ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा प्रधानमंत्री के पास उठाया है और उनको अंतरराष्ट्रीय सरहद सील करने की प्रार्थना की है क्योंकि कि नशे सरहद से पार से आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बड़ी स्तर पर नशे पकड़े हैं और कई लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
राज्य सरकार ने नशे के दलदल में फंसे लोगों को निकालने के लिए एक व्यापक योजना बनाई है। इसके तहत प्रदेश भर में नशा छुड़ाने के केंद्र खोले जा रहे हैं। अलग अलग अस्पतालों में मनोवैज्ञानिक माहिरों की सेवाओं ली जा रही हैं। नशों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक मुहिम शुरू गई है।