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पांचवीं शादी के फिराक में भारत आया एनआरआई काबू
अमर उजाला, माेगा
Updated Wed, 29 Jan 2014 09:11 AM IST
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भारत में पांचवीं शादी करने के फिराक में आए एनआरआई युवक को पुलिस ने उसके शादी सपने को साकार होने से पहले ही इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय दिल्ली हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के खिलाफ चार साल पहले थाना सिटी में उसकी चौथी पत्नी ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। इस मामले में पंजाब पुलिस ने आरोपी को क्लीन चिट दे दी थी। लेकिन पंजाब में एनआरआई पुलिस सेल बनने के बाद इस मामले की जांच थाना एनआरआई पुलिस मोगा के पास आ गई थी।
एनआरआई विंग के डीएसपी हरिंदर सिंह डोड ने बताया कि थाना सिटी पुलिस ने 17 जनवरी 2010 को संदीप कौर निवासी मंगेवाल जिला लुधियाना की शिकायत पर स्वीडन देश में रह रहे हरविंदर जीत सिंह गांव भरथ जिला गुरदासपुर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।
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पीड़ित का विवाह 28 जनवरी 2007 को मोगा के सम्राट होटल में आरोपी हरविंदर जीत सिंह के साथ हुआ था। पीड़ित का आरोप था कि उसके स्वीडन पहुंचने पर उसके पति हरविंदर जीत सिंह ने स्वीडन भाषा में लिखे तलाक नामे पर हेराफेरी से दस्तखत करवा लिए और 14 फरवरी 2008 को वापस भारत भेज दिया।
पुलिस जांच में पता लगा कि उसके पति हरविंदर जीत सिंह ने पहले 2002 में लुधियाना की गुरिंदर कौर से विवाह करवाया।
इस के बाद दूसरा विवाह 2004 में इटली रहती मुंबई की एक लड़की से और तीसरा विवाह 26 सितंबर 2006 को अमनदीप कौर गांव ठठीया जिला तरन तारन के साथ किया। अपना विवाह रजिस्टर्ड करवाने के लिए उसने अपना जदी गांव कुकड़ जिला जालंधर दर्ज करवाई थी। इस के बाद चौथा विवाह पीड़ित संदीप कौर से 28 जनवरी 2007 को करवाया था।
जांच अधिकारी एएसआई तेजिंदर सिंह ने बताया कि वधीक चीफ ज्यूडीशियल मैजिस्ट्रेट की अदालत ने 28 सितंबर 2012 को पंजाब पुलिस की ओर से केस रद्द करने की रिपोर्ट पर अदालत ने फिर जांच का आदेश दिया था। इस के बाद यह जांच एनआरआई पुलिस को तबदील कर दी गई और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एयरपोर्ट को एलओसी जारी किया गया। जिस के आधार पर आरोपी को इंदिरागांधी अंतरराष्ट्रीय दिल्ली हवाई अड्डे पर काबू कर लिया गया।
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आरोपी के खिलाफ चार साल पहले थाना सिटी में उसकी चौथी पत्नी ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। इस मामले में पंजाब पुलिस ने आरोपी को क्लीन चिट दे दी थी। लेकिन पंजाब में एनआरआई पुलिस सेल बनने के बाद इस मामले की जांच थाना एनआरआई पुलिस मोगा के पास आ गई थी।
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एनआरआई विंग के डीएसपी हरिंदर सिंह डोड ने बताया कि थाना सिटी पुलिस ने 17 जनवरी 2010 को संदीप कौर निवासी मंगेवाल जिला लुधियाना की शिकायत पर स्वीडन देश में रह रहे हरविंदर जीत सिंह गांव भरथ जिला गुरदासपुर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।
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पीड़ित का विवाह 28 जनवरी 2007 को मोगा के सम्राट होटल में आरोपी हरविंदर जीत सिंह के साथ हुआ था। पीड़ित का आरोप था कि उसके स्वीडन पहुंचने पर उसके पति हरविंदर जीत सिंह ने स्वीडन भाषा में लिखे तलाक नामे पर हेराफेरी से दस्तखत करवा लिए और 14 फरवरी 2008 को वापस भारत भेज दिया।
पुलिस जांच में पता लगा कि उसके पति हरविंदर जीत सिंह ने पहले 2002 में लुधियाना की गुरिंदर कौर से विवाह करवाया।
इस के बाद दूसरा विवाह 2004 में इटली रहती मुंबई की एक लड़की से और तीसरा विवाह 26 सितंबर 2006 को अमनदीप कौर गांव ठठीया जिला तरन तारन के साथ किया। अपना विवाह रजिस्टर्ड करवाने के लिए उसने अपना जदी गांव कुकड़ जिला जालंधर दर्ज करवाई थी। इस के बाद चौथा विवाह पीड़ित संदीप कौर से 28 जनवरी 2007 को करवाया था।
जांच अधिकारी एएसआई तेजिंदर सिंह ने बताया कि वधीक चीफ ज्यूडीशियल मैजिस्ट्रेट की अदालत ने 28 सितंबर 2012 को पंजाब पुलिस की ओर से केस रद्द करने की रिपोर्ट पर अदालत ने फिर जांच का आदेश दिया था। इस के बाद यह जांच एनआरआई पुलिस को तबदील कर दी गई और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एयरपोर्ट को एलओसी जारी किया गया। जिस के आधार पर आरोपी को इंदिरागांधी अंतरराष्ट्रीय दिल्ली हवाई अड्डे पर काबू कर लिया गया।