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सरकारी फीस वसूले बिना ही कंपनी को सड़कें खोदने की मंजूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुरा फूल
Updated Sat, 02 Jan 2016 09:01 PM IST
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नगर काउंसिल के एक कर्मचारी को सरकारी काम के बदले रिश्वत लेते विजिलेंस ब्यूरो की ओर से रंगे हाथों पकड़े जाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि काउंसिल अधिकारियों का एक और कथित गोलमाल सामने आया है।
इस मामले में काउंसिल अधिकारियों ने एक निजी टेलीकॉम कंपनी से सरकारी फीस वसूले बिना ही उसे शहर की सड़कें खोदने की मंजूरी दे डाली।
शहरवासियों की ओर से विरोध किए जाने पर काउंसिल कर्मचारियों ने एकबारगी खुदाई कर रहे मजदूरों से सामान भी जब्त कर लिया, लेकिन फिर बिना मंजूरी के ही उनको सड़कें खोदने की खुली छूट दे दी।
नतीजन टेलीकॉम कंपनी ने सरकारी खजाने में कोई पैसे दिए बिना ही शहर को जगह-जगह से खोद डाला। अब काउंसिल के अधिकारी मामले को दबाने की कवायद में लगे हुए हैं।
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जानकारी के अनुसार दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में एक निजी टेलीकॉम कंपनी ने रामपुरा फूल शहर में केबल बिछाने के लिए खुदाई का काम शुरू किया।
इस दौरान पहले उन्होंने फूल रोड और महराज रोड पर खुदाई शुरू की, लेकिन उनके पास मंजूरी न होने पर नगर काउंसिल ने उक्त काम बंद करवा दिया।
इसके बाद कंपनी ने आर्य स्कूल रोड व अन्य बाजारों में खुुदाई का काम शुरू कर दिया। दुकानदारों ने काउंसिल अध्यक्ष सुनील बिट्टा से जब इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि उक्त कंपनी गैरकानूनी तौर से खुदाई कर रही है, इस बारे में काउंसिल ने कोई मंजूरी नहीं दी है।
इस पर अध्यक्ष बिट्टा ने काउंसिल कर्मचारी भेजकर खुदाई का काम बंद करवा दिया। यही नहीं काउंसिल कर्मचारी खुदाई काम में जुटे मजदूरों का सामान भी जब्त कर ले गए।
वहीं उसी दिन फिर से उक्त कंपनी ने सड़कें खोदने का काम शुरू कर दिया। यही नहीं काउंसिल कर्मचारियों ने अपने कब्जे में लिया सामान भी वापस कर दिया।
इसके बाद कंपनी ने पूरे शहर में जगह-जगह गड्ढे खोद दिए, लेकिन नगर काउंसिल अधिकारियों ने इस सबसे आंखें मूंद ली।
खुदाई के 10 दिन के बाद भी उक्त गड्ढों की रिपेयर न करने से ये हादसों की वजह बन रहे हैं। वहीं बिना मंजूरी और बिना फीस वसूली के खुदाई करवाने से सरकारी खजाने का लाखों की चपत भी लगी है।
उक्त टेलीकॉम कंपनी ने मंजूरी के लिए फाइल दी थी। वहीं उसमें खुदाई वाली जगह के बारे में पूरी जानकारी न होने से अभी मंजूरी नहीं दी गई है। यह बात भी सही है कि अभी तक कंपनी ने कोई फीस नहीं भरी है। जब कंपनी की ओर से खुदाई वाली जगहों पर चेंबर बनाए जाएंगे तो हम उनसे पूरी फीस वसूल करेंगे।
-सुनील बिट्टा, अध्यक्ष, नगर काउंसिल रामपुरा फूल
नियमों के अनुसार बिना अग्रिम मंजूरी, फीस व नक्शे के सड़कों की खुदाई नहीं हो सकती है। यह मामला ध्यान में नहीं है। संबंधित कर्मचारियों से पता किया जाएगा। यदि ऐसा हुआ है तो कर्मचारियों के साथ-साथ कंपनी के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-अशोक अरोड़ा, इीओ, नगर काउंसिल रामपुरा फल
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इस मामले में काउंसिल अधिकारियों ने एक निजी टेलीकॉम कंपनी से सरकारी फीस वसूले बिना ही उसे शहर की सड़कें खोदने की मंजूरी दे डाली।
शहरवासियों की ओर से विरोध किए जाने पर काउंसिल कर्मचारियों ने एकबारगी खुदाई कर रहे मजदूरों से सामान भी जब्त कर लिया, लेकिन फिर बिना मंजूरी के ही उनको सड़कें खोदने की खुली छूट दे दी।
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नतीजन टेलीकॉम कंपनी ने सरकारी खजाने में कोई पैसे दिए बिना ही शहर को जगह-जगह से खोद डाला। अब काउंसिल के अधिकारी मामले को दबाने की कवायद में लगे हुए हैं।
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जानकारी के अनुसार दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में एक निजी टेलीकॉम कंपनी ने रामपुरा फूल शहर में केबल बिछाने के लिए खुदाई का काम शुरू किया।
इस दौरान पहले उन्होंने फूल रोड और महराज रोड पर खुदाई शुरू की, लेकिन उनके पास मंजूरी न होने पर नगर काउंसिल ने उक्त काम बंद करवा दिया।
इसके बाद कंपनी ने आर्य स्कूल रोड व अन्य बाजारों में खुुदाई का काम शुरू कर दिया। दुकानदारों ने काउंसिल अध्यक्ष सुनील बिट्टा से जब इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि उक्त कंपनी गैरकानूनी तौर से खुदाई कर रही है, इस बारे में काउंसिल ने कोई मंजूरी नहीं दी है।
इस पर अध्यक्ष बिट्टा ने काउंसिल कर्मचारी भेजकर खुदाई का काम बंद करवा दिया। यही नहीं काउंसिल कर्मचारी खुदाई काम में जुटे मजदूरों का सामान भी जब्त कर ले गए।
वहीं उसी दिन फिर से उक्त कंपनी ने सड़कें खोदने का काम शुरू कर दिया। यही नहीं काउंसिल कर्मचारियों ने अपने कब्जे में लिया सामान भी वापस कर दिया।
इसके बाद कंपनी ने पूरे शहर में जगह-जगह गड्ढे खोद दिए, लेकिन नगर काउंसिल अधिकारियों ने इस सबसे आंखें मूंद ली।
खुदाई के 10 दिन के बाद भी उक्त गड्ढों की रिपेयर न करने से ये हादसों की वजह बन रहे हैं। वहीं बिना मंजूरी और बिना फीस वसूली के खुदाई करवाने से सरकारी खजाने का लाखों की चपत भी लगी है।
उक्त टेलीकॉम कंपनी ने मंजूरी के लिए फाइल दी थी। वहीं उसमें खुदाई वाली जगह के बारे में पूरी जानकारी न होने से अभी मंजूरी नहीं दी गई है। यह बात भी सही है कि अभी तक कंपनी ने कोई फीस नहीं भरी है। जब कंपनी की ओर से खुदाई वाली जगहों पर चेंबर बनाए जाएंगे तो हम उनसे पूरी फीस वसूल करेंगे।
-सुनील बिट्टा, अध्यक्ष, नगर काउंसिल रामपुरा फूल
नियमों के अनुसार बिना अग्रिम मंजूरी, फीस व नक्शे के सड़कों की खुदाई नहीं हो सकती है। यह मामला ध्यान में नहीं है। संबंधित कर्मचारियों से पता किया जाएगा। यदि ऐसा हुआ है तो कर्मचारियों के साथ-साथ कंपनी के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-अशोक अरोड़ा, इीओ, नगर काउंसिल रामपुरा फल