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रेहड़ा चालक की मौत से भड़के परिजनों का धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, मलोट (मुक्तसर)
Updated Thu, 11 Feb 2016 04:05 PM IST
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बीते मंगलवार को मलोट-अबोहर रोड पर हुए हादसे में रेहड़ा चालक की मौत के बाद से भड़के परिजनों और लोगों ने बुधवार को दूसरे दिन धरना दिया।
लोग राजकीय अस्पताल के सामने धरने पर बैठे हुए थे, जिन्हें दोपहर बाद बस मालिकों व प्रशासन की ओर से आश्वासन देकर खत्म कराया गया।
मंगलवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे रोशन लाल निवासी सरावां बोदलां अपने खच्चर पर रेहड़े पर ईंटें लेने जा रहा था कि डबवाली ट्रांसपोर्ट कंपनी की बस की रेहडे़ के साथ टक्कर हो गई।
इस हादसे में रेहड़ा चालक की मौत हो गई। थाना कबरवाला पुलिस ने बस चालक गुरप्रीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर दिया गया था।
उधर बहुजन समाज पार्टी और प्रजापति कुमार महासंघ के नेताओं ने परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग पर राजकीय अस्पताल के बाहर धरना लगा दिया था।
वारिसों ने मांगें पूरी न होने तक मृतक का पोस्टमार्टम न कराने का फैसला किया। मंगलवार देर तक प्रशासन के साथ वारिसों की हुई बातचीत के बावजूद कोई निष्कर्ष न निकलने पर बुधवार दूसरे दिन भी परिवार व उनके समर्थकों ने धरना लगाया।
इस दौरान बसपा के सूबा कोआर्डिनेटर अजीत सिंह भैनी, शीला देवी, स्वर्ण सिंह खोखर, गुरदीप सिंह खालसा, अनोख सिंह विर्क खेड़ा, तारा चंद, ओम प्रकाश शेखू मौजूद थे।
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लोग राजकीय अस्पताल के सामने धरने पर बैठे हुए थे, जिन्हें दोपहर बाद बस मालिकों व प्रशासन की ओर से आश्वासन देकर खत्म कराया गया।
मंगलवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे रोशन लाल निवासी सरावां बोदलां अपने खच्चर पर रेहड़े पर ईंटें लेने जा रहा था कि डबवाली ट्रांसपोर्ट कंपनी की बस की रेहडे़ के साथ टक्कर हो गई।
इस हादसे में रेहड़ा चालक की मौत हो गई। थाना कबरवाला पुलिस ने बस चालक गुरप्रीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर दिया गया था।
उधर बहुजन समाज पार्टी और प्रजापति कुमार महासंघ के नेताओं ने परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग पर राजकीय अस्पताल के बाहर धरना लगा दिया था।
वारिसों ने मांगें पूरी न होने तक मृतक का पोस्टमार्टम न कराने का फैसला किया। मंगलवार देर तक प्रशासन के साथ वारिसों की हुई बातचीत के बावजूद कोई निष्कर्ष न निकलने पर बुधवार दूसरे दिन भी परिवार व उनके समर्थकों ने धरना लगाया।
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इस दौरान बसपा के सूबा कोआर्डिनेटर अजीत सिंह भैनी, शीला देवी, स्वर्ण सिंह खोखर, गुरदीप सिंह खालसा, अनोख सिंह विर्क खेड़ा, तारा चंद, ओम प्रकाश शेखू मौजूद थे।
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