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साइकिल रैली निकाल फूलका ने मांगा हरसिमरत का इस्तीफा
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
Updated Sun, 15 Nov 2015 02:58 PM IST
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आम आदमी पार्टी के नेता और सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील हरविंदर सिंह फूलका ने शनिवार को फरीदकोट के बरगाड़ी गांव से बठिंडा स्थित केंद्रीय मंत्री के कार्यालय तक साइकिल रैली निकाली।
वे सिख दंगा पीड़ितों और अन्य साथियों के साथ केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। साइकिल रैली के विरोध में दिल्ली से आए सिख दंगा पीड़ितों ने केंद्रीय मंत्री के कार्यालय से थोड़ी दूर पर धरना लगाया।
इसके अलावा लुधियाना से अकाली दल के पक्ष में आए सिख दंगा पीड़ितों ने फूलका के खिलाफ रोष रैली निकाली।
फूलका ने कहा कि 31 वर्ष बीत जाने के बावजूद सिख दंगा पीड़ितों के आरोपियों को समय-समय की सरकारों ने क्लीन चिट दी है।
मौजूदा केंद्र सरकार और बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने चुनाव से पहले सिख दंगा पीड़ितों को इंसाफ दिलाने का वायदा किया था लेकिन जीत जाने के बाद कांग्रेस की तरह ही मौजूदा केंद्र सरकार ने आरोपियों को क्लीन चिट दे दी।
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जिन वकीलों को एसजीपीसी ने केस लड़ने की फीस दी है, वह अपने तौर पर केस लड़ रहे हैं। वह उनके सहयोगी नहीं हैं। फूलका ने कहा कि सरकार चाहे तो सिख दंगा पीड़ितों को इंसाफ मिल सकता है, लेकिन इस बारे में सरकार की नीयत साफ नहीं है।
वहीं साइकिल रैली और फूलका के विरोध में दिल्ली से आए लोगों ने धरना लगाया हुआ था। दिल्ली से आए लोगों को हर प्रकार की सहायता देने के लिए केंद्रीय मंत्री के कार्यालय प्रभारी दयाल सिंह के अलावा कई बडे़ अकाली नेता वहां मौजूद रहे।
इसके अलावा लुधियाना से आए सिख दंगा पीड़ितों ने भी फूलका और साइकिल रैली का विरोध करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री इस्तीफा क्यों दें। अकाली दल ने तो हमेशा ही सिख दंगा पीड़ितों की सहायता की है।
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वे सिख दंगा पीड़ितों और अन्य साथियों के साथ केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। साइकिल रैली के विरोध में दिल्ली से आए सिख दंगा पीड़ितों ने केंद्रीय मंत्री के कार्यालय से थोड़ी दूर पर धरना लगाया।
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इसके अलावा लुधियाना से अकाली दल के पक्ष में आए सिख दंगा पीड़ितों ने फूलका के खिलाफ रोष रैली निकाली।
फूलका ने कहा कि 31 वर्ष बीत जाने के बावजूद सिख दंगा पीड़ितों के आरोपियों को समय-समय की सरकारों ने क्लीन चिट दी है।
मौजूदा केंद्र सरकार और बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने चुनाव से पहले सिख दंगा पीड़ितों को इंसाफ दिलाने का वायदा किया था लेकिन जीत जाने के बाद कांग्रेस की तरह ही मौजूदा केंद्र सरकार ने आरोपियों को क्लीन चिट दे दी।
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जिन वकीलों को एसजीपीसी ने केस लड़ने की फीस दी है, वह अपने तौर पर केस लड़ रहे हैं। वह उनके सहयोगी नहीं हैं। फूलका ने कहा कि सरकार चाहे तो सिख दंगा पीड़ितों को इंसाफ मिल सकता है, लेकिन इस बारे में सरकार की नीयत साफ नहीं है।
वहीं साइकिल रैली और फूलका के विरोध में दिल्ली से आए लोगों ने धरना लगाया हुआ था। दिल्ली से आए लोगों को हर प्रकार की सहायता देने के लिए केंद्रीय मंत्री के कार्यालय प्रभारी दयाल सिंह के अलावा कई बडे़ अकाली नेता वहां मौजूद रहे।
इसके अलावा लुधियाना से आए सिख दंगा पीड़ितों ने भी फूलका और साइकिल रैली का विरोध करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री इस्तीफा क्यों दें। अकाली दल ने तो हमेशा ही सिख दंगा पीड़ितों की सहायता की है।