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पठानकोट में पक्का करने के लिए अध्यापकों का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Sun, 13 Mar 2016 08:24 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : file photo
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एसएसए, रमसा अध्यापक यूनियन ने डीसी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। साथ ही प्रदेश सरकार की अर्थी जलाकर नारेबाजी की। साथ ही पक्का करने की आवाज बुलंद करते हुए शिक्षा मंत्री के हल्के में 27 को रैली करने का एलान किया।
यूनियन के जिलाध्यक्ष राजन कुमार ने बताया कि एसएसए, रमसा व सीएसएस के तहत लगभग 12000 अध्यापक, हेडमास्टर व लैब अटेंडेंट गत 8 वर्षों से सरकारी स्कूलों में ठेके पर काम कर रहे हैं।
सरकार ने रेगुलर करने का न तो नोटीफिकेशन जारी किया गया है और न ही पिछले तीन माह से वेतन दिया है। इससे उनमें सरकार के खिलाफ भारी रोष है।
सभी शर्तें पूरी करने के बाद भी सरकार की ओर से उन्हें रेगुलर नहीं किया जा रहा है। कभी शिक्षा मंत्री तो कभी मुख्यमंत्री की ओर से कमेटियां बनाने का आश्वासन दिया जा रहा। यह एक तरह का अध्यापकों के साथ विश्वासघात है।
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उन्होनें कहा कि अध्यापकों की सेवाओं को रैगूलर करवाने की मांग को लाकर यूनियन 27 मार्च को शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में राज्य स्तरीय रैली करेगी।
इस मौके पर नरेंद्र कुमार, राजन, अर्पण, हरिंद्र, सुभाष, मोहनीश सिंह, विजय, अनिता, अंजू, ईशा, निधि महाजन, अमृतपाल, वीरेंद्र, राजेश महाजन, कुनाल राजपूत , रजनी, रेणुका मौजूद थीं।
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यूनियन के जिलाध्यक्ष राजन कुमार ने बताया कि एसएसए, रमसा व सीएसएस के तहत लगभग 12000 अध्यापक, हेडमास्टर व लैब अटेंडेंट गत 8 वर्षों से सरकारी स्कूलों में ठेके पर काम कर रहे हैं।
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सरकार ने रेगुलर करने का न तो नोटीफिकेशन जारी किया गया है और न ही पिछले तीन माह से वेतन दिया है। इससे उनमें सरकार के खिलाफ भारी रोष है।
सभी शर्तें पूरी करने के बाद भी सरकार की ओर से उन्हें रेगुलर नहीं किया जा रहा है। कभी शिक्षा मंत्री तो कभी मुख्यमंत्री की ओर से कमेटियां बनाने का आश्वासन दिया जा रहा। यह एक तरह का अध्यापकों के साथ विश्वासघात है।
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उन्होनें कहा कि अध्यापकों की सेवाओं को रैगूलर करवाने की मांग को लाकर यूनियन 27 मार्च को शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में राज्य स्तरीय रैली करेगी।
इस मौके पर नरेंद्र कुमार, राजन, अर्पण, हरिंद्र, सुभाष, मोहनीश सिंह, विजय, अनिता, अंजू, ईशा, निधि महाजन, अमृतपाल, वीरेंद्र, राजेश महाजन, कुनाल राजपूत , रजनी, रेणुका मौजूद थीं।