Queen Elizabeth II Death : ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का 96 वर्ष की आयु में स्कॉटलैंड में निधन हो गया। बकिंघम पैलेस की ओर से इस संबंध में बयान जारी किया गया है। बयान में कहा गया है कि गुरुवार दोपहर स्कॉटलैंड के बाल्मोरल महल (Balmoral Castle) में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने अंतिम सांस ली। वे बीते 70 वर्ष से ब्रिटेन की राजगद्दी पर काबिज थीं। वह बीते अक्तूबर से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रही थीं। आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ...
Queen Elizabeth II Death : किस बीमारी से लड़ रही थीं महारानी, जानिए इसके बारे में सबकुछ
कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महारानी एजिलाबेथ द्वितीय एपिसोडिक मोबिलिटी प्रॉब्लम (episodic mobility) से जूझ रही थीं। उन्हें चलने और खड़े होने में परेशानी हो रही थी। यही कारण है कि महारानी ने चिकित्सकों की सलाह के बाद बीते बुधवार को मंत्रियों के साथ होने वाली बैठक भी रद्द कर दी थी। एलिजाबेथ द्वितीय 1952 से ब्रिटेन और एक दर्जन से ज्यादा अन्य देशों की रानी रहीं।
ब्रिटेन की महारानी की एक दिन पहले ही नई प्रधानमंत्री लिज ट्रस के साथ मुलाकात हुई थी। दरअसल, नई प्रधानमंत्री की शपथ लेने के लिए ट्रस ने महारानी से यह मुलाकात की थी। इस मौके की एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी, जिसमें महारानी और नई पीएम लिज ट्रस को मुस्कुराकर एक-दूसरे से हाथ मिलाते हुए देखा जा सकता है। बहरहाल, बीते बुधवार को ही महारानी को वरिष्ठ मंत्रियों के साथ ऑनलाइन माध्यम से बैठक करनी थी। परंतु इस बैठक को उन्होंने टाल दिया था। इसके बाद गुरुवार को दिन में जब महारानी की स्वास्थ्य जांच की गई तो चिकित्सकों ने इसे लेकर चिंता जताई थी।
महारानी को भी हो गया था कोरोना
महारानी के चिकित्सकों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी, साथ ही लगातार नजर बनाए हुए थे। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को इसी वर्ष फरवरी में कोरोना भी हो गया था। हालांकि उस वक्त उन्हें हल्की सर्दी जैसे लक्षण उभरे थे। महारानी के निधन की सूचना मिलते ही उनके बेटे प्रिंस चार्ल्स, उनकी पत्नी कैमिला, पोते प्रिंस विलियम्स भी गुरुवार को स्कॉटलैंड पहुंच गए थे। प्रिंस हैरी और उनकी पत्नी मीगन भी महारानी का स्वास्थ्य जानने स्कॉटलैंड गए थे।
क्या है एपिसोडिक मोबिलिटी प्रॉब्लम
एपिसोडिक मोबिलिटी प्रॉब्लम एक तरह से उठने-बैठने में दिक्कत से जुड़ी बीमारी है। इसकी वजह से मरीज को कुर्सी पर बैठने और उठने में परेशानी जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। वह ठीक ढंग से चल-फिर भी नहीं पाते हैं। जोड़ों में दर्द उनके लिए एक आम बात होती है, इसमें काफी दर्द भी होता है। चिकित्सकों के अनुसार, इस बीमारी में मांसपेशियों की कमजोरी, जोड़ों की समस्याएं, दर्द और तंत्रिका संबंधी (मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र) परेशानी होती है। कभी-कभी कई हल्की समस्याएं एक समय में होती हैं और गंभीर रूप से गतिशीलता प्रभावित करती हैं। बता दें कि यह बीमारी सिर्फ बुजुर्गों में ही नहीं होती, बल्कि यह किसी भी आयुवर्ग में हो सकती है।