प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का श्रीलंका दौरा कई मायनों में खास रहा। जहां अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच कई सारी साझेदारियों पर हस्ताक्षर किए और अपने दौरे के अंतिम दिन रविवार को उन्होंने श्रीलंका के ऐतिहासिक शहर अनुराधापुरा में स्थित जया श्री महाबोधि मंदिर का दौरा किया और वहां श्रद्धा सुमन अर्पित किए। बता दें कि यह बौद्ध धर्मस्थल श्रीलंका के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है।
पीएम मोदी ने प्रमुख भिक्षु से लिया आशीर्वाद
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पीएम मोदी ने मंदिर के प्रमुख भिक्षु से लिया आशीर्वाद
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कोलंबो से लगभग 200 किलोमीटर दूर स्थित अनुराधापुरा के महाबोधि मंदिर पहुंचने के साथ ही पीएम मोदी ने वहां के प्रमुख भिक्षु से मुलाकात की और उनसे आशीर्वाद लिया। साथ ही उनसे अपने हाथों पर रक्षा सूत्र भी बंधवाया।
पीएम मोदी के साथ श्रीलंकाई राष्ट्रपति दिसानायके भी रहे मौजूद
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पीएम मोदी के साथ श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके भी रहे मौजूद
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पीएम मोदी के अनुराधापुरा यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके भी मौजूद थे। बता दें कि यह मंदिर न केवल बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए, बल्कि भारत और श्रीलंका के लिए आध्यात्मिक और सभ्यतागत दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है।
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पीएम मोदी ने अर्पित की श्रद्धांजलि
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पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
साथ ही पीएम मोदी ने अपने इस यात्रा को लेकर सोशल मीडिया प्लेफॉर्म पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति दिसानायके के साथ अनुराधापुरा में पवित्र जया श्री महाबोधि में प्रार्थना की। बौद्ध धर्म के सबसे प्रतिष्ठित स्थलों में से एक पर होना एक विनम्र क्षण है। उन्होंने यह भी कहा कि यह शांति, ज्ञान और आध्यात्मिक निरंतरता का प्रतीक है। भगवान बुद्ध की शिक्षाएं हमेशा हमारा मार्गदर्शन करें।
महाबोधि मंदिर का भारत-श्रीलंका के सभ्यता संबंधों में विशेष महत्व समझिए
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पीएम मोदी की ऐतिहासिक यात्रा
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भारत और श्रीलंका के संबंधों में इस मंदिर का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इस मंदिर में एक पवित्र बोधि वृक्ष स्थित है, जो कि यह भारत से लाए गए पौधे से पनपा था। सम्राट अशोक की बेटी थेरी संघमित्रा ने इस पौधे को भारत से श्रीलंका लाकर यहां लगाया था। बोधि वृक्ष का महत्व इस बात से है कि यही वह स्थान है, जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद ध्यान की अवस्था में ध्यान किया था।