इंडोनेशिया में सरकार इन दिनों शादी को लेकर प्री-वेडिंग कोर्स शुरू करने जा रही है। इसमें शादी करने जा रहे जोड़ाें को शादी के बाद उनकी जिंदगी में आने वाले बदलावों के प्रति शिक्षित किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम के तहत युवाओं को उनकी सेहत का ध्यान रखने, बीमारियों से बचने और बच्चों की देखभाल की ट्रेनिंग दी जाएगी।
युवाओं के लिए यह काेर्स अनिवार्य
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
भारत में शादी के बारे में एक कहावत काफी मशहूर है, वो ये कि 'शादी का लड्डू जो खाये पछताए, जो ना खाये पछताए।' ऐसे में इंडोनेशिया की सरकार शादी के लायक उम्र के हाे चुके सभी युवाओं के लिए यह काेर्स अनिवार्य करने जा रही है। ताकि भावि जोड़े सफल दांपत्य जीवन शुरू कर सकें। फेल हाेने वालाें काे सरकार शादी का अधिकार नहीं देगी।
2020 से शुरू होगा पाठ्यक्रम
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इंडोनेशिया के अखबार 'जकार्ता पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पाठ्यक्रम साल 2020 से शुरू होगा और इसे मुफ्त में कराया जाएगा। तीन महीने के इस कोर्स को इंडोनेशिया के मानव विकास और सांस्कृतिक मंत्रालय ने धार्मिक और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर तैयार किया है। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग की डायरेक्टर जनरल किराना प्रितसरी का कहना है कि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। पहले भी विभाग शादी लायक युवक-युवतियों को प्रशिक्षित करता रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब यह पूरे देश में लागू किया जा रहा है।
कोर्स बिल्कुल सरल, लेकिन फेल होना मंजूर नहीं
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यह कोर्स बिल्कुल सरल है लेकिन अगर कोई जोड़ा इसमें फेल हो जाता है, तो इंडोनेशिया की सरकार उस जोड़े से शादी का अधिकार छीन लेगी। विवाह से पहले इस तरह के कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जोड़ा वैवाहिक जीवन की जिम्मेदारी उठाने और माता-पिता बनने के लिए भावनात्मक और शारीरिक रूप से तैयार है या नहीं।
कोर्स में सिर्फ शादी को सफल बनाने के नुस्खे ही नहीं
इंडोनेशिया के मानव विकास और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री मुहाजिर एफेंदी का कहना है कि हर कोई शादी करना चाहता है लेकिन परिवार चलाना एक अलग बात है। इस कोर्स में केवल शादी को सफल बनाने के नुस्खे ही नहीं बताए जाएंगे, बल्कि जोड़ों को बच्चों की देखभाल, बीमारियों से बचाव और स्वास्थ्य का ख्याल रखने के उपाय भी सिखाए जाएंगे।