केदारनाथ यात्रा इस साल नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है। अब तक साढ़े 16 लाख से अधिक यात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। ऑक्सीजन की कमी से सांस लेने में दिक्कत, हृदय संबंधी परेशानी, सीने में दर्द और हादसों में गंभीर चोट जैसे मामले सामने आते हैं।
ऐसे में गंभीर मरीजों को समय पर उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने में हेली रेस्क्यू व्यवस्था संजीवनी साबित हो रही है। केदारनाथ जैसे दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने पर पहले यात्रा मार्ग के एमआरपी सेंटरों और केदारनाथ स्थित अस्पताल में मरीज को प्राथमिक उपचार दिया जाता है। चिकित्सकीय स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों की सलाह के बाद मरीज को हेली सेवा से उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा जाता है। यही व्यवस्था मद्महेश्वर और जिले के अन्य दुर्गम क्षेत्रों में भी गंभीर मरीजों के लिए उपयोगी साबित हुई है।
2 of 5
हेली से रेस्क्यू
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आंकड़ों के अनुसार इस साल जनवरी से सितंबर तक 19 लोगों को हेली सेवा के सीधे हायर सेंटर जरिए रेस्क्यू किया गया। वहीं 200 से अधिक मरीजों को हेली के माध्यम से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की रही, जिन्हें हृदय, सांस और छाती से जुड़ी गंभीर परेशानी के कारण तत्काल उच्च चिकित्सा सुविधा की जरूरत थी।
3 of 5
केदारनाथ
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार गंभीर मरीजों को चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर डॉक्टरों की सलाह के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि केदारनाथ और मद्महेश्वर जैसे क्षेत्रों में गंभीर मरीजों को हेली सेवा के जरिए निकालने की व्यवस्था की गई है। वहीं अपेक्षाकृत कम गंभीर मरीजों को भी जरूरत के अनुसार हेली सेवा और एंबुलेंस के समन्वय से नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाया जाता है।
4 of 5
केदारनाथ
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस साल हेली रेस्क्यू किए गए मरीजों के मामलों पर नजर डालें तो हृदय संबंधी बीमारी प्रमुख कारणों में रही। केदारनाथ से 11 जुलाई को अमरोहा निवासी 25 वर्षीय पुनीत को हार्ट अटैक के बाद ऋषिकेश पहुंचाया गया। 20 जुलाई को कोल्हापुर की 55 वर्षीय जयश्री ठाकरे को फेफड़े से संबंधित गंभीर समस्या के चलते एयरलिफ्ट किया गया।
ये भी पढे़ं...उत्तराखंड एसआईआर: 19 महीने में बदली वोटरों की तस्वीर, देहरादून में सबसे ज्यादा कटे 4.84 लाख वोट
5 of 5
केदारनाथ
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
26 जुलाई को बिहार निवासी 66 वर्षीय राम प्रकाश यादव को हार्ट अटैक के बाद केदारनाथ से ऋषिकेश पहुंचाया गया। इसके अलावा 26 मई को केरल निवासी 39 वर्षीय तेजस राजगोपालन को सोनप्रयाग के एमआरपी सेंटर से सांस लेने में दिक्कत के कारण ऋषिकेश भेजा गया। 31 मई को मद्महेश्वर से 29 वर्षीय शिवा को हार्ट अटैक के बाद एयरलिफ्ट किया गया। 15 जून को केदारनाथ से 70 वर्षीय मिथलेश को सीने में दर्द के बाद ऋषिकेश पहुंचाया गया। सितंबर में भी केदारनाथ से दो गंभीर मरीजों को हेली सेवा के माध्यम से ऋषिकेश भेजा गया।