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Ration Card Rules: 33 लाख राशन कार्डधारकों के कटेंगे नाम, चेक करें कि कहीं आप भी तो लिस्ट में नहीं हैं शामिल?

Wed, 18 Feb 2026 11:56 AM IST
श्रुति गौड़ यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्रुति गौड़ Updated Wed, 18 Feb 2026 11:56 AM IST
सार

Bihar Ration Card: बिहार में 33 लाख से ज्यादा कार्डधारकों के नाम राशन कार्ड से हटा दिए गए हैं। इसकी वजह क्या है और अपना नाम कैसे चेक करें, यहां हम आपको इस बारे में जानकारी देंगे। 

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33 लाख राशन कार्ड धारकों के कटेंगे नाम, जानें क्या है वजह - फोटो : Adobe Stock

Bihar Ration Card Eligibility: बिहार में राशन कार्डधारकों के नाम हटाने की एक बड़ी प्रक्रिया चल रही है, जिसमें 33 लाख से ज्यादा कार्डधारियों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। बिहार सरकार ने यह कदम अनावश्यक लाभ प्राप्त करने वाले लोगों की पहचान करने के लिए उठाया है।



राशन कार्ड योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को खाद्य सहायता प्रदान करना है, लेकिन जांच के दौरान यह पाया गया कि कई लोग इसके दायरे से बाहर हो चुके हैं या राशन का गलत फायदा उठा रहे थे। इस कदम से सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जो वास्तविक जरूरतमंद परिवार हैं, उन्हें ही इसका लाभ मिल सके। यदि आपको डर है कि आपका नाम तो कट नहीं गया, तो आप आसानी से इसे ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। 

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33 लाख राशन कार्ड धारकों के कटेंगे नाम, जानें क्या है वजह - फोटो : Adobe stock
राशन कार्ड से नाम कटने वाले लोगों की पूरी सूची

मृतक कार्डधारी-

जांच में यह पाया गया कि कई लोग जिनका निधन हो चुका है, वे अभी भी राशन कार्ड पर शामिल थे और उनके नाम पर राशन का वितरण हो रहा था। ऐसे मृतक कार्डधारियों के नाम राशन कार्ड सूची से हटा दिए जाएंगे।

प्रवासी लोग-

कई कार्डधारी ऐसे हैं, जो लंबे समय से बिहार से बाहर स्थायी रूप से जा चुके हैं और अन्य राज्यों में बस गए हैं। ऐसे लोग, जो अब बिहार में नहीं रहते, उनका नाम भी राशन कार्ड से काटा जाएगा।

 
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33 लाख राशन कार्ड धारकों के कटेंगे नाम, जानें क्या है वजह - फोटो : Adobe Stock
संपन्न परिवार-

बिहार सरकार ने यह पाया कि कुछ लोग आर्थिक रूप से संपन्न हैं और उनकी आय बेहतर है, लेकिन फिर भी वे 'गरीब' बनकर राशन का लाभ ले रहे थे। जांच में यह पाया गया कि इन लोगों के पास पर्याप्त संसाधन और संपत्ति है, जिसके कारण उन्हें राशन का लाभ नहीं मिलना चाहिए। ऐसे संपन्न परिवारों के नाम भी काटे जाएंगे।

ई-केवाईसी न कराना-

राशन कार्ड धारकों को समय-समय पर अपने आधार कार्ड का ई-केवाईसी (e-KYC) प्रमाणीकरण कराना आवश्यक होता है। कई लोग, जो इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाए, उनके नाम राशन कार्ड से हटा दिए गए हैं। सरकार ने बार-बार चेतावनियां दी थीं, लेकिन जिन लोगों ने इसे अनदेखा किया, उनका नाम सूची से हटा दिया गया है।
 
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33 लाख राशन कार्ड धारकों के कटेंगे नाम, जानें क्या है वजह - फोटो : Adobe stock

क्यों कट रहे हैं नाम?
 
  • राशन कार्ड धारकों के नाम काटने का मुख्य उद्देश्य राज्य में राशन वितरण में पारदर्शिता लाना और फर्जीवाड़े को रोकना है।
  •  कई वर्षों से यह देखा गया है कि कुछ लोग जो अब इस योजना के दायरे में नहीं आते, वे फिर भी राशन का लाभ उठाते रहे हैं। 
  • यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि सिर्फ वे परिवार जिनकी आय वास्तव में गरीबी रेखा से नीचे है, उन्हें ही राशन मिल सके।

 
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33 लाख राशन कार्ड धारकों के कटेंगे नाम, जानें क्या है वजह - फोटो : Adobe stock
किसे मिलेगा लाभ?

यह प्रक्रिया सरकार द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है कि योजना के तहत केवल असली जरूरतमंद परिवारों को राशन मिले। जो लोग अब भी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं और जिनके पास कोई अन्य वैध आय नहीं है, उन्हें राशन कार्ड का लाभ जारी रहेगा। इसके साथ ही सरकार का उद्देश्य यह भी है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक यह योजना पहुंच सके, जो अब तक इससे वंचित रहे हैं।

 
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