Solar Panel On Railway Track: भारतीय रेलवे हर रोज एक बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन करती है जिसके तहत देश के अलग-अलग कोनों में ट्रेने जाती हैं। इसमें पैसेंजर ट्रेनों से लेकर मालगाड़ी तक शामिल होती हैं। देखा गया है कि लोगों को ट्रेन का सफर पसंद भी आता है। आरामदायक सीटों से लेकर एसी की सुविधा और शौचालय की व्यवस्था यात्रियों के सफर को आरामदायक बनती है।
वहीं, भारतीय रेलवे भी अपने यात्रियों के लिए आए दिन नए ट्रैक बिछाता है तो कोई नया और अद्भुत ब्रिज बनाकर कीर्तिमान स्थापित करता है। इसी क्रम में भारतीय रेलवे की तरफ से एक और अद्भुत कार्य की शुरुआत की गई है जिसमें पटरियों के बीच में सोलर पैनल लगाए गए हैं। तो चलिए जानते हैं ऐसा क्यों किया गया है और रेलवे ने ये कौन से ट्रैक पर किया है। यात्रीगण अगली स्लाइड्स में इस बारे में विस्तार से जान सकते हैं...
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भारतीय रेलवे ने पटरियों के बीच लगाया सोलर पैनल।
- फोटो : x/@RailMinIndia
कहां लगाया है सोलर पैनल?
- दरअसल, भारतीय रेलवे ने रेलवे ट्रैक के बीच में यानी पटरियों के बीच में सोलर पैनल लगाए हैं। बनारस रेल इंजन कारखाना यानी बीएलडबब्ल्यू ने इसे शुरू किया है। इस 70 मीटर लंबे रेल ट्रैक पर 28 सोलर पैनल लगाए गए हैं। इनकी सबसे खास बात ये है कि ये रिमूवेबल सोलर पैनल हैं यानी जब चाहें तब इन सोलर पैनल को हटाया जा सकता है। इन पैनल से बिजली पैदा होगी।
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भारतीय रेलवे ने पटरियों के बीच लगाया सोलर पैनल।
- फोटो : x/@RailMinIndia
कितनी बिजली बनेगी?
- भारतीय रेलवे ने बनारस रेल इंजन कारखाने में जो 70 मीटर रेलवे ट्रैक के बीच में 28 सोलर पैनल लगाए हैं, उसे लेकर रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि, इस पैनल से 15 किलोवाटर बिजली बनेगी जो इंजन चलाने और अनय कार्यकलाप में इस्तेमाल हो सकेगी।
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भारतीय रेलवे ने पटरियों के बीच लगाया सोलर पैनल।
- फोटो : x/@RailMinIndia
क्या होगा फायदा?
- जिस तरह से रेलवे ने बनारस रेल इंजन कारखाने में इस तरह का प्रोयग शुरू किया है, ये आने वाले समय में काफी सही साबित हो सकता है। इससे रेलवे खुद से बिजली पैदा करेगा जिससे इलेक्ट्रिक इंजन पटरियों पर दौड़ सकेंगे। फिर ऐसे में भारतीय रेलवे को बाहर से बिजली खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि मौजूदा समय में रेले रोजाना करोड़ों रुपये की बिजली खरीदता है। ऐसे में खुद बिजली बनाकर रेलवे अच्छी बचत कर सकता है।
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भारतीय रेलवे ने पटरियों के बीच लगाया सोलर पैनल।
- फोटो : Adobe Stock
जब चाहे तब निकाल सकते हैं सोलर पैनल
- जिस तरह से रेलवे ट्रैकों पर काम चलता रहता है, ऐसे में इस सोलर पैनल को लगाने से कोई दिक्त नहीं होने वाली। एक सोलर पैनल का आकार 2278×1133×30 मिलीमीटर और वजन 31.83 किलो है। ऐसे में जब चाहें तब इन सोलर पैनल को हटाया जा सकता है। इन पैनल को कुछ कर्मचारी मिलकर कुछ ही घंटे में हटा सकते हैं और दोबारा लगा भी सकते हैं।