Decorate Train AC Cabin Rules: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महाराष्ट्र के बल्लारशाह से मुंबई जाने वाली नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच को एक 'हनीमून सुइट' की तरह गुब्बारों और फूलों से सजाया गया देखा जा सकता है। 6 जुलाई 2026 को यात्रा कर रहे एक जोड़े ने ऑनलाइन निजी डेकोरेटर बुक करके जालना स्टेशन पर ट्रेन के भीतर इस सजावट को अंजाम दिया था।
जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, भारतीय रेलवे ने इसे एक गंभीर लापरवाही माना और ड्यूटी पर मौजूद टीटीई को तुरंत सस्पेंड कर दिया। आइए इस लेख में समझते हैं कि रेल यात्रा करते समय यात्रियों को किन नियमों का उलंघन नहीं करना चाहिए।
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रेलवे परिसर में बिना अनुमति सजावट पूरी तरह प्रतिबंधित
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रेलवे परिसर में बिना अनुमति सजावट पूरी तरह प्रतिबंधित
बता दें कि भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक, कोई भी यात्री अपनी मर्जी से ट्रेन के डिब्बे, केबिन या कूप को गुब्बारों, फूलों या किसी भी अन्य चीज से नहीं सजा सकता है। रेल कोच एक सार्वजनिक संपत्ति है, और इसके मूल स्वरूप या आंतरिक बनावट के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ करना रेलवे अधिनियम के तहत पूरी तरह से गैरकानूनी माना जाता है।
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निजी डेकोरेटर की एंट्री पर है सख्त पाबंदी
रेलवे ने ट्वीट कर साफ किया है कि जालना स्टेशन पर बाहरी डेकोरेटर का ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में घुसना पूरी तरह अनाधिकृत था। सुरक्षा नियमों के अनुसार, बिना वैध टिकट या बिना आधिकारिक पास के कोई भी बाहरी वेंडर या डेकोरेटर ट्रेन के भीतर प्रवेश नहीं कर सकता। ऐसा करना रेलवे सुरक्षा और पैसेंजर्स की प्राइवेसी के नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
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सजावट से बढ़ जाता है आग और दुर्घटना का खतरा
ट्रेन के भीतर गुब्बारे चिपकाने के लिए टेप या केमिकल का इस्तेमाल और ज्वलनशील चीजें ले जाना मना है। रेलवे का मानना है कि इस तरह की सजावट से कोच के अंदर लगे स्मोक डिटेक्टर (धुआं पहचानने वाले यंत्र) या आपातकालीन अलार्म छिप सकते हैं। इसके अलावा, शॉर्ट सर्किट या आग लगने की स्थिति में ये सामग्रियां हादसे को और ज्यादा भड़का सकती हैं।
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नियम तोड़ने पर सस्पेंशन और कानूनी कार्रवाई का नियम
इस घटना के बाद रेलवे ने संबंधित स्टाफ सदस्य को सस्पेंड कर दिया है और एक विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। अगर कोई यात्री ट्रेन में ऐसी अनाधिकृत गतिविधि करता पाया जाता है, तो रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत उसका टिकट रद्द किया जा सकता है, उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और मामले की गंभीरता के हिसाब से उसे हिरासत में भी लिया जा सकता है।