Amazon Rakhi Fine: हम जब भी किसी ई-कॉमर्स कंपनी की एप या वेबसाइट से कोई सामान ऑर्डर करते हैं, तो वहां तारीख दी जाती है जिसमें वो सामान ग्राहक तक पहुंचाना होता है। पर कई बार ये सामान आने में देर हो जाती है और हम भी कुछ नहीं बोलते, लेकिन एक महिला ने 100 रुपये की राखी समय पर न पहुंचने के कारण ई-कॉमर्स कंपनी पर केस किया। महिला हर्जाने के लिए 4.5 लाख रुपये के हर्जाने की मांग की।
अमेजन नहीं कर पाया तय समय पर डिलीवरी तो लगा 40 हजार रुपये का जुर्माना, आप भी जानें क्या हैं आपके अधिकार
Online Shopping: अगर आप भी किसी ई-कॉमर्स कंपनी की एप या वेबसाइट से कुछ ऑनलाइन सामान ऑर्डर करते हैं, तो ऐसे में आपको अपने अधिकार जरूर पता होने चाहिए।
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ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों के ये होते हैं अधिकार:-
पहला अधिकार
- आप जब भी किसी एप या वेबसाइट से शॉपिंग करते हैं तो यहां पर आपके पास सुरक्षित भुगतान का अधिकार होता है। कंपनी की ये जिम्मेदारी बनती है कि वो अपने पोर्टल पर सुरक्षित और विश्वसनीय पेमेंट का विकल्प उपलब्ध करवाएं और ये गेटवे पूरी तरह सुरक्षित हो।
उत्तम क्वालिटी का सामान और रिफंड की सुविधा
- ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान आप जो भी सामान ऑर्डर कर रहे हैं उसकी क्वालिटी संतोषजनक होना जरूरी है। अगर आपको सही क्वालिटी का सामान नहीं मिलता तो आपके पास इस सामान को वापस करके नया सामान लेने का पूर्ण अधिकार होता है। यही नहीं, आप चाहें तो अपने पूरे पैसे रिफंड यानी वापस पा सकते हैं।
ग्राहक सहायता का अधिकार
- ई-कॉमर्स कंपनी से अगर आपने कोई सामान ऑर्डर किया है, लेकिन ये सामान आपको प्राप्त नहीं हुआ या सामान खराब है या आपको सामान को लेकर किसी भी तरह की कोई दिक्कत होती है, तो ऐसे में आप ग्राहक सहायता ले सकते हैं। अपने कंपनी के कस्टमर केयर में कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवाना हैं। इस शिकायत पर कंपनी को एक्शन लेना होता है और ग्राहक को संतुष्ट करना होता है।
कोर्ट जाने का अधिकार
- अगर कंपनी आपकी उत्पाद को लेकर समस्या का निवारण नहीं करती है, तो आप कंज्यूमर कोर्ट यानी उपभोक्ता न्यायालय में जा सकते हैं। आप अपने जिले के जिला उपभोक्ता न्यायालय, राज्य उपभोक्ता आयोग, या राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यहां पर मुआवजे के लिए भी बोल सकते हैं।