गोल्ड कोस्ट के करारा स्टेडियम में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में पहले ही दिन भारत ने पदक का खाता खोला। पहले भारतीय वेटलिफ्टर गुरुराजा ने पहला मेडल जीता। गुरुराजा ने कुल 249 किग्रा उठाकर सिल्वर मेडल जीता और विदेशी सरजमीं पर देश का सम्मान बढ़ाया। इसके बाद भारतीय महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने पहला गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। मीराबाई ने 48 किलोग्राम की कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीता है।
बता दें कि कॉमनवेल्थ के पिछले तीन सीजनों में भारत ने 215 मेडल जीतने की उपलब्धि हासिल की है। 2006 में भारत के खाते में कुल 50 मेडल आए थे, तो वहीं साल 2010 में भारतीय एथलीटों ने 101 मेडल जीते थे। इसके अलावा साल 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 64 मेडल जीते थे। मगर इस बार के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 227 भारतीय एथलीटों का दल भेजा है। इस दल में ऐसे कई खिलाड़ी शामिल हैं, जिनसे देश पदक की उम्मीद कर सकता है। अगली स्लाइड में जानिए उनके बारे में..
पीवी सिंधु (बैडमिंटन)
रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली भारत की सिल्वर क्वीन पीवी सिंधु से देश को सबसे ज्यादा उम्मीद है। ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में अपने खराब प्रदर्शन के बाद सिंधु ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए दिन-रात मेहनत की है।
एमसी मैरीकॉम (बॉक्सिंग)
भारत की सबसे अनुभवी महिला मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम कई इंटरनेशनल पदक जीत चुकी हैं। इस कॉमनवेल्थ में मैरीकॉम की नजर स्वर्ण पदक पर है। 35 साल की इस मुक्केबाज ने एशियन चैंपियनशिप में ह्यांग मी किम को हराकर करियर का पांचवां गोल्ड मेडल जीता था।
किदांबी श्रीकांत (बैडमिंटन)
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किदांबी श्रीकांत
- फोटो : SELF
साल 2017 में चार सुपरसीरीज पर कब्जा जमाने के बाद किदांबी की नजर अब कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल पर टिकी हैं। पिछले साल इंडोनेशिया ओपन, ऑस्ट्रेलियन ओपन, डेनमार्क ओपन और फ्रेंच ओपन जीतने वाले किदांबी बीएफडब्लू की मेंस रैंकिंग में दूसरे पायदन पर पहुंचे थे।
साइना नेहवाल (बैडमिंटन)
भारत की सुपर स्पेशलिस्ट बैडमिंटन प्लेयर साइना नेहवाल ने भी कई इंटरनेशनल लेवल की प्रतियोगिताओं में देश का सम्मान बढ़ाया है। साल 2017 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में साइना ने ब्रॉन्ज जीता था। गोल्ड कोस्ट की तैयारी के लिए उन्होंने द्रोणाचार्य गोपीचंद पुलेला की अकेडमी ज्वॉइन की थी।