पटना पाइरेट्स ने लगातार तीसरी बार प्रो कबड्डी लीग का खिताब जीतकर इतिहास रचा है। खिताबी हैट्रिक लगाने के उपलक्ष्य में बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पटना पाइरेट्स के खिलाड़ियों को सम्मानित किया। खिलाड़ियों ने पटना राजभवन में आयोजित समारोह में केक काटकर अपनी जीत का जश्न मनाया। इससे पहले टीम ने एक ओपन बस में शहर का चक्कर लगाया था, जिसे देखकर फैंस फूले नहीं समा रहे थे।
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सीजन-5 चैंपियन पटना पाइरेट्स
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इस अवसर पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा, 'पटना पाइरेट्स की टीम के सम्मान करने के पीछे राज्य में खेल कला और संस्कृति को बढ़ावा देना है। जब मैं स्कूल से 4 किलोमीटर चल कर आता था तो बैग रखकर सीधे कबड्डी खेलने निकल जाया करता था। हम खिलाड़ियों का नहीं, बल्कि खिलाड़ी हमारा मान-सम्मान बढ़ा रहें हैं। हमें खिलाड़ियों के साथ सिर्फ उस वक्त तक ही साथ नहीं रहना चाहिए जब तक वो जीत रहें हैं। सरकार को खिलाड़ियों को जीवनभर साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पटना पाइरेट्स ने हमारे राज्य का गौरव बढ़ाया है।'
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पटना पाइरेट्स बनाम तमिल थलाइवाज
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पटना पाइरेट्स के मालिक राजेश वी शाह ने बताया कि प्रो कबड्डी का पांचवा सीजन पहले के सभी सत्रों से बेहतरीन रहा है। पांचवे सीजन की नीलामी में खिलाड़ी को अनुमान से ज्यादा कीमत मिली, साथ ही चार टीम जुड़ने के साथ प्रो कबड्डी के टीमों की संख्या 12 हो गई है। उन्होंने कहा कि 13 सप्ताह तक चले इस लीग में पटना पाइरेट्स और गुजरात फॉर्चूयनजायंट के बीच पांचवे सीजन का फाइनल मैच को किसी भी अनक्रिकेटिंग मैच में सबसे ज्यादा देखा गया। पटना पाइरेट्स ने खिताब की हैट्रिक लगाईं।
वहीं पटना के कप्तान परदीप नरवाल ने कहा, पटना ने हमें बहुत सपोर्ट किया, जिसकी वजह से हम जीत की हैट्रिक लगा सके। सबसे कठिन मुकाबला गुजरात के साथ रहा है।' बता दें कि परदीप नरवाल प्रो कबड्डी के स्टार खिलाड़ी हैं। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा अंक हासिल किए। टीम के कोच राम मेहर सिंह हैं, जो कि पहले कबड्डी के राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस खेल में अनुशासन होना बहुत जरूरी है।
कोच ने बताया कि पहले ज्यादा कबड्डी का क्रेज हो गया है। हर गांव और शहर में टीवी पर कबड्डी-कबड्डी कर रहे हैं और टीआरपी भी हाई हो गया है। क्रिकेट के लोग सोच रहे हैं कि कहीं कबड्डी आगे न निकल जाए। साथ ही हम इस खेल में अनुशासन रखते हैं और खेल पर फोकस रहते हैं। अगर अनुशासन नहीं होगी तो अच्छी टीम नहीं बनेगी।