राष्ट्रमंडल खेलों की टेबल टेनिस स्पर्धा में चार पदक हासिल करने वालीं मनिका बत्रा को यह उम्मीद जग पड़ी है कि पीवी सिंधु और साइना नेहवाल की तरह न सिर्फ उनके खेल को पहचाना जाएगा बल्कि उन्हें भी उन जैसी पहचान मिलेगी। सच्चाई यह है कि जिस तरह सिंधु अपने करियर के शुरुआती दौर में कोर्ट पर चीखने-चिल्लाने के रूप में अपना जोश नहीं दिखा पाती थीं। ठीक वही हाल टेबल टेनिस की इस नई स्टार का भी था।
जहां सिंधू ने गोपीचंद की कड़ाई के बाद चीखने की आदत डाली। वहीं मनिका को फ्रॉग जंप और कान पकड़कर खड़ा होने की सजाओं का डर दिलाकर कोच संदीप गुप्ता ने मैच के दौरान मुट्ठी भींजकर चिल्लाना सिखाया। मनिका खुलासा करती हैं कि वो काफी ज्यादा शर्मीली थी इसलिए न वह चिल्ला पाती थीं और न ही अपने भावों को व्यक्त कर पाती थीं। कोच को यह बहुत खराब लगता था।
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कोच की काफी डांट सुनने के बाद कुछ समय पहले ही इस कमजोरी पर जीत हासिल की है। अब वह अंक जीतने पर दूसरी खिलाड़ियों की तरह विरोधी पर दबाव बनाने का काम बखूबी करती हैं। संदीप याद करते हैं कि यह बड़ा मुश्किल काम था। उन्हें न चाहते हुए भी दंड देने जैसी बातें मनिका से कहनी पड़ती थीं। अगर वह यह नहीं करते तो मनिका की झिझक को दूर करना मुश्किल काम होता।
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मनिका यह जान चुकी हैं कि जिस ऑड रबर से प्लेन रबर को स्विच करने की तकनीक से उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीते हैं। अब वह दुनिया के सारे खिलाड़ियों की नजर में आ चुकी हैं। मनिका साफ करती हैं कि अब उन्हें मालूम है कि जब वह वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में खेलने जाएंगी तो सब उनकी इस तकनीक पर रणनीति बनाकर आएंगे। यही कारण है कि वह अपने फोरहैंड पर काम करना शुरू करेंगी। उनका अगला लक्ष्य फोरहैंड को शक्तिशाली बनाना है।
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वहीं संदीप खुलासा करते हैं कि वह मनिका के लिए एक नए अस्त्र का इजाद करने जा रहे हैं। ऑड रबर से बैक हैंड, टॉप स्पिन में पारंगत करेंगे। जिस तरह वह फोरहैंड के दौरान ग्रिप को बदलती हैं वही वह बैकहैंड से कराएंगे। यह तकनीक भी अभी दुनिया में कोई इस्तेमाल नहीं करता। इससे पहले टेबल टेनिस संघ ने एक समारोह के दौरान मनिका व एंथोनी अमलराज को सम्मानित किया।