ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की स्टार महिला शूटर हीना सिद्धू ने एक बार फिर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। मंगलवार को छठे दिन 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर हीना ने भारत के खाते में गोल्ड मेडल की संख्या 11 कर दी। शौक-शौक में पिस्टल पकड़ना और खुद के कोच से ही शादी करना,
आइए एक नजर डालते हैं हीना की पर्सनल लाइफ के कुछ ऐसे ही मजेदार पहलुओं पर...
अगस्त 1989 में पंजाब के लुधियाना में पैदा हुई हीना सिद्धू के भाई करनवीर सिंह जूनियर स्तर पर शूटिंग मुकाबलों में हिस्सा ले चुके हैं। हीना के पिता राजदीप सिंह सिद्धू, एक्साइज एंड टैक्सेशन महकमे में उच्चाधिकारी रहे हैं। हीना सिद्धू बीडीएस कर चुकी हैं और वह न्यूरोलॉजिस्ट बनना चाहती थी, लेकिन शूटिंग का शौक था।
साल 2006 में हीना मेडिकल में दाखिले के लिए जी तोड़ तैयारी कर रही थीं। घर में चाचा का बंदूकों की मरम्मत का बिजनेस था तो शौक-शौक में पिस्टल चलाना सीखा। पढ़ाई से थोड़ा ब्रेक मिल जाता था, लेकिन निशानेबाजी का शौक जल्द ही फुल टाइम मिशन में बदल गया। हीना सिद्धू साल 2008 से इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वर्ष 2009 में उन्होंने बीजिंग में आयोजित इंटरनेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर जीता।
साल 2010 में गुआंगझू (चीन) में एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीता। 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में इसी इवेंट में महिला व्यक्तिगत वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। वह 2012 लंदन और 2016 रियो डी जेनेरियो ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
हीना ने साल 2012 में शूटिंग कोच रौनक पंडित से शादी की थी। उनके ससुर अशोक पंडित शूटिंग द्रोणाचार्य अवार्डी हैं। हीना सिद्धू ने बीडीएस तक पढ़ाई की है। कॉलेज के दिनों से ही मेडल जीतने का सिलसिला शुरू हो गया था। 19 साल की उम्र में हीना ने हंगेरियन ओपन जीता था। साल 2013 की विश्व शूटिंग प्रतियोगिता में 10 मीटर एयर पिस्टल टूर्नामेंट में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर हिना स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।