15 अगस्त 2018 को पूरा देश 72वें स्वंतत्रता दिवस के जश्न में सराबोर होगा। आज से 72 साल पहले अंग्रेजों की बेड़ियां तोड़ने के बाद देश को आजादी मिली थी। हालांकि, इतना लंबा अरसा बीत जाने के बाद भी कई दशकों तक देश में महिलाओं की स्थिति जर्जर ही बनी रही। लेकिन पिछले कुछ समय से जिस हौसले और जज्बे के साथ बेटियों ने देश का सम्मान बढ़ाया है, वो जानकर आज हर भारतीय की जुबां पर सिर्फ एक ही डायलॉग है... 'म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के...'
मनु भाकर
हरियाणा की 16 वर्षीय निशानेबाज मनु भाकर ने जर्मनी के सुहल में आयोजित हुए आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया था। मनु ने महिलाओं की दस मीटर एयर पिस्टल में 242.5 अंकों के साथ पीला तमगा जीता था। मनु भाकर वही शूटर हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को शूटिंग में गोल्ड मेडल दिलाया था। मनु ने 240.9 अंक के साथ गोल्ड पर कब्जा जमाया। बता दें कि इस साल मनु ने इस साल कुल सात स्वर्ण पदक देश के लिए जीते हैं।
हिमा दास
असम की 18 वर्षीय एथलीट हिमा दास इस साल ने फिनलैंड के टैम्पेयर शहर में इतिहास रचा था। हिमा ने आईएएएफ विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 400 मीटर दौड़ स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था। यह पहली बार है कि भारत को आईएएएफ की ट्रैक स्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल हुआ है। उनसे पहले भारत की कोई महिला खिलाड़ी जूनियर या सीनियर किसी भी स्तर पर विश्व चैम्पियनशिप में गोल्ड नहीं जीत सकी थी। हिमा ने यह दौड़ 51.46 सेकेंड में पूरी की।
शिवांगी पाठक
दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में शुमार माउंट एवरेस्ट और माउंट किलिमंजारो (अफ्रीका) को फतह करने वाली 17 वर्षीय शिवांगी पाठक पर आज पूरे देश को गर्व है। सबसे कम उम्र में माउंट एवरेस्ट चढ़ने वाली भारत की इस युवा पर्वतारोही ने 5,895 मीटर ऊंचे किलिमंजारो को सिर्फ 34 घंटों में पार किया था। एवरेस्ट और किलिमंजारो शिखर को फतह करने के बाद अब शिवांगी का अगला टारगेट यूरोप का सबसे ऊंचा पर्वत माउंट एल्बर्स है। शिवांगी पाठक देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का एक नया स्रोत बनकर उभरी हैं।
मनिका बत्रा
ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में देश की होनहार टेबल टेनिस प्लेयर मनिका बत्रा ने चार पदक जीते थे। दिल्ली की मनिका ने कॉमनवेल्थ गेम्स में दो स्वर्ण (टीम और व्यक्तिगत), एक रजत (युगल) और कांस्य (मिश्रित युगल) पदक जीता था। एशियन गेम्स में भी देश को मनिका बत्रा से बड़े पदक की उम्मीद रहेगी।