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सविता पूनिया का रिकॉर्ड: सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी बनीं; क्यों मिलेंगे 10 लाख रुपये
Mon, 21 Sep 2026 02:35 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 21 Sep 2026 02:35 PM IST
सार
सविता पूनिया भारतीय महिला हॉकी की सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने वंदना कटारिया के 320 मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। एशियन गेम्स में इंडोनेशिया के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल करने वाली सविता को हॉकी इंडिया ने 10 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
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सविता पूनिया
- फोटो : IANS
विस्तार
भारतीय महिला हॉकी की दिग्गज गोलकीपर सविता पूनिया ने सोमवार को इतिहास रच दिया। वह भारतीय महिला हॉकी के इतिहास में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली खिलाड़ी बन गईं। सविता ने पूर्व भारतीय स्ट्राइकर वंदना कटारिया के 320 सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। उन्होंने एशियन गेम्स 2026 में इंडोनेशिया के खिलाफ पूल बी के मुकाबले में यह उपलब्धि हासिल की। इससे एक दिन पहले ही सविता ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ भारत की 19-0 की जीत में वंदना के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। सविता की इस उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने उन्हें 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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सविता पूनिया, हॉकी खिलाड़ी
- फोटो : संवाद
2009 में किया था अंतरराष्ट्रीय डेब्यू
36 वर्षीय सविता ने 2009 में भारतीय सीनियर टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। पेनल्टी शूटआउट में शानदार बचाव और गोल के सामने बेहतरीन प्रदर्शन के कारण उन्हें हॉकी की दुनिया में 'द वॉल ऑफ इंडिया' के नाम से भी जाना जाता है। सविता तीन ओलंपिक खेलों, दो एशियन गेम्स अभियानों, राष्ट्रमंडल खेलों, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और एफआईएच प्रो लीग के कई सत्रों में भारतीय टीम का हिस्सा रही हैं। वह धीरे-धीरे टीम की युवा गोलकीपर से भारतीय महिला हॉकी टीम की रीढ़ और लंबे समय तक कप्तान बनने तक पहुंचीं। मौजूदा समय में सलीमा टेटे भारतीय टीम की कप्तान हैं।
फरवरी 2025 में पूरे किए थे 300 मैच
सविता ने फरवरी 2025 में नीदरलैंड के खिलाफ एफआईएच हॉकी प्रो लीग मुकाबले में अपने 300 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे किए थे। वह वंदना के बाद 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दूसरी भारतीय महिला बनी थीं। साथ ही वह पीआर श्रीजेश के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाली दूसरी भारतीय गोलकीपर भी बनी थीं। 20 सितंबर 2026 को उज्बेकिस्तान के खिलाफ मैच में उन्होंने वंदना के 320 मैचों के रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके अगले ही दिन इंडोनेशिया के खिलाफ उन्होंने यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
36 वर्षीय सविता ने 2009 में भारतीय सीनियर टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। पेनल्टी शूटआउट में शानदार बचाव और गोल के सामने बेहतरीन प्रदर्शन के कारण उन्हें हॉकी की दुनिया में 'द वॉल ऑफ इंडिया' के नाम से भी जाना जाता है। सविता तीन ओलंपिक खेलों, दो एशियन गेम्स अभियानों, राष्ट्रमंडल खेलों, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और एफआईएच प्रो लीग के कई सत्रों में भारतीय टीम का हिस्सा रही हैं। वह धीरे-धीरे टीम की युवा गोलकीपर से भारतीय महिला हॉकी टीम की रीढ़ और लंबे समय तक कप्तान बनने तक पहुंचीं। मौजूदा समय में सलीमा टेटे भारतीय टीम की कप्तान हैं।
फरवरी 2025 में पूरे किए थे 300 मैच
सविता ने फरवरी 2025 में नीदरलैंड के खिलाफ एफआईएच हॉकी प्रो लीग मुकाबले में अपने 300 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे किए थे। वह वंदना के बाद 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दूसरी भारतीय महिला बनी थीं। साथ ही वह पीआर श्रीजेश के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाली दूसरी भारतीय गोलकीपर भी बनी थीं। 20 सितंबर 2026 को उज्बेकिस्तान के खिलाफ मैच में उन्होंने वंदना के 320 मैचों के रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके अगले ही दिन इंडोनेशिया के खिलाफ उन्होंने यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
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सविता पूनिया
- फोटो : ANI
वंदना ने 320 मैचों में किए थे 158 गोल
सविता ने जिस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा, वह वंदना कटारिया के नाम था। भारत की सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी वंदना ने भी 2009 में ही अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। उन्होंने अप्रैल 2025 में संन्यास लिया था। वंदना ने अपने 16 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में 320 मैच खेले और 158 गोल किए। टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक हैट्रिक लगाने के अलावा उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था।
'मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस मुकाम तक पहुंचूंगी'
रिकॉर्ड बनाने के बाद सविता ने अपने परिवार, कोच और साथियों का आभार जताया। उन्होंने कहा, 'मैं सबसे पहले अपने परिवार, अपने कोच, अपनी टीम की साथी खिलाड़ियों और हर उस व्यक्ति को धन्यवाद कहना चाहती हूं, जो तब से मेरे साथ खड़ा रहा है, जब मैं एक युवा लड़की के तौर पर अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर बचाना सीख रही थी। सच कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इस मुकाम तक पहुंचूंगी।'
उन्होंने आगे कहा, 'जब मैंने शुरुआत की थी, तब मेरा लक्ष्य सिर्फ टीम में अपनी जगह बनाना और अपने परिवार को गौरवान्वित करना था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मुझे भारतीय महिला हॉकी के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली खिलाड़ी कहा जाएगा। यह रिकॉर्ड सिर्फ मेरा नहीं है। यह उन सभी का है, जिन्होंने मेरे साथ खेला और वंदना का भी, क्योंकि उन्होंने एक ऐसा स्तर तय किया, जिसने हम सभी को उससे आगे जाने के लिए प्रेरित किया।'
सविता ने जिस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा, वह वंदना कटारिया के नाम था। भारत की सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी वंदना ने भी 2009 में ही अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। उन्होंने अप्रैल 2025 में संन्यास लिया था। वंदना ने अपने 16 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में 320 मैच खेले और 158 गोल किए। टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक हैट्रिक लगाने के अलावा उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था।
'मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस मुकाम तक पहुंचूंगी'
रिकॉर्ड बनाने के बाद सविता ने अपने परिवार, कोच और साथियों का आभार जताया। उन्होंने कहा, 'मैं सबसे पहले अपने परिवार, अपने कोच, अपनी टीम की साथी खिलाड़ियों और हर उस व्यक्ति को धन्यवाद कहना चाहती हूं, जो तब से मेरे साथ खड़ा रहा है, जब मैं एक युवा लड़की के तौर पर अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर बचाना सीख रही थी। सच कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इस मुकाम तक पहुंचूंगी।'
उन्होंने आगे कहा, 'जब मैंने शुरुआत की थी, तब मेरा लक्ष्य सिर्फ टीम में अपनी जगह बनाना और अपने परिवार को गौरवान्वित करना था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मुझे भारतीय महिला हॉकी के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली खिलाड़ी कहा जाएगा। यह रिकॉर्ड सिर्फ मेरा नहीं है। यह उन सभी का है, जिन्होंने मेरे साथ खेला और वंदना का भी, क्योंकि उन्होंने एक ऐसा स्तर तय किया, जिसने हम सभी को उससे आगे जाने के लिए प्रेरित किया।'
सविता
- फोटो : अमर उजाला
सविता ने युवा खिलाड़ियों को भी संदेश दिया। उन्होंने कहा, 'मेरी सबसे बड़ी उम्मीद है कि आने वाली पीढ़ी इसे देखे और विश्वास करे कि वह भी ऐसा कर सकती है। मैं चाहती हूं कि वे आगे बढ़ते रहें, मेहनत करते रहें और भारतीय हॉकी के लिए बड़े सपने देखते रहें। इस खेल ने मुझे सब कुछ दिया है और जब तक संभव होगा, मैं इसे वापस देती रहूंगी।'
हॉकी इंडिया ने की 10 लाख रुपये के इनाम की घोषणा
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने सविता की उपलब्धि की तारीफ की। उन्होंने कहा, 'सविता का रिकॉर्ड दो दशक के अनुशासन और शांत नेतृत्व का प्रमाण है। वह इस टीम की रीढ़ रही हैं और आज की यह उपलब्धि पूरी तरह से उनकी हकदार है।' हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा, 'हॉकी इंडिया की ओर से सविता को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई। उनका सफर हर उस युवा गोलकीपर के लिए प्रेरणा है, जो भारत की जर्सी पहनने का सपना देखता है।' एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम का अभियान जारी है। यह टूर्नामेंट लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन का रास्ता भी है।
हॉकी इंडिया ने की 10 लाख रुपये के इनाम की घोषणा
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने सविता की उपलब्धि की तारीफ की। उन्होंने कहा, 'सविता का रिकॉर्ड दो दशक के अनुशासन और शांत नेतृत्व का प्रमाण है। वह इस टीम की रीढ़ रही हैं और आज की यह उपलब्धि पूरी तरह से उनकी हकदार है।' हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा, 'हॉकी इंडिया की ओर से सविता को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई। उनका सफर हर उस युवा गोलकीपर के लिए प्रेरणा है, जो भारत की जर्सी पहनने का सपना देखता है।' एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम का अभियान जारी है। यह टूर्नामेंट लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन का रास्ता भी है।