दीपिका कुमारी भारत की दिग्गज तीरंदाज हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। वह अभी अपने साथी अतानु दास के साथ सगाई करने के कारण सुर्खियों में बनी हुई हैं। 13 जून 1994 को दीपिका का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता शिवनारायण महतो आॅटो रिक्शा चालक जबकि मां गीता महतो नर्स हैं। दीपिका के परिवार में कोई खिलाड़ी नहीं था।
रांची की दीपिका का बचपन से ही आर्चरी में शौक था। दीपिका की जिद थी कि वह इसी खेल में आगे बढ़ना चाहती हैं। दीपिका की जिद में दृढ़संकल्प था। उनकी जिद के सामने पिता ने हार मानी और अपनी बेटी को आगे बढ़ने देने के लिए राजी हुए।
जानकारी है कि दीपिका को जिलास्तरीय टूर्नामेंट में भाग लेना था, लेकिन उनके पिता ने हिस्सा लेने से साफ इंकार कर दिया। बेटी ने हार नहीं मानी और पिता को अपनी बात समझाई। पिता ने दीपिका को 10 रुपए देकर भेजा। अपने करियर का पहला टूर्नामेंट खेलने गई दीपिका ने जीत दर्ज की और यही से उनके करियर को नई उड़ान मिली।
साल 2005 में दीपिका अर्जुन आर्चरी एकेडमी से जुड़ी। इसके बाद वह टाटा तीरंदाजी एकेडमी भी गईं। फिर वह पल आया जब दीपिका ने परिवार और देश का नाम रोशन किया। 2006 में मैरीदा मेक्सिको में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप की कम्पाउंड एकल प्रतियोगिता में दीपिका ने स्वर्ण पदूक हासिल किया। ऐसा करने वाली वे भारत की दूसरी तीरंदाज बनीं।
यहां से शुरू हुए सफर ने उन्हें विश्व की नंबर—1 तीरंदाज का तमगा हासिल कराया। सबसे पहले वर्ष 2009 में महज 15 वर्ष की दीपिका ने अमेरिका में हुई 11वीं यूथ आर्चरी चैंपियनशिप जीतकर अपनी उपस्थिति जाहिर की थी। वर्ष 2010 दीपिका के लिए सफलताओं से भरा रहा। कई स्पर्धाओं में उन्होंने स्वर्णिम प्रदर्शन किया।