भारतीय रोअर दुष्यंत चौहान ने शुक्रवार को एशियाई खेल 2018 में पुरुषों की लाइटवेट सिंगल्स स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देशवासियों को खुश कर दिया। दुष्यंत चौहान का मेडल मौजूदा एशियाई खेलों में रोइंग स्पर्धा में पहला मेडल भी रहा।
देश को मेडल दिलाने वाले रोअर दुष्यंत चौहान की तबीयत बिगड़ी, रेस खत्म करते ही गिरे
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दुष्यंत ने 1000 मीटर का सफर सिर्फ 3:36.22 के समय में पूरा किया। वहीं 1500 मीटर की दूरी उन्होंने 5:26.02 के समय में पूरी की। इस तरह उन्होंने 7:18.76 के समय में लाइटवेट सिंगल स्कल्स स्पर्धा पूरी की। कोरिया के ह्यूनसु पार्क और हांगकांग के चुन गन चियु ने इस स्पर्धा में क्रमश: गोल्ड व सिल्वर मेडल जीता।
भारत को खुशियां देने वाले रोअर दुष्यंत के लिए गौरव का पल था स्टेज पर जाकर मेडल लेना। मगर वह स्टेज तक जा ही नहीं सके। दुष्यंत रेस खत्म करने के बाद गिर गए। वहां मौजूद लोग दुष्यंत को देखकर घबरा गए। इसके बाद दुष्यंत को स्ट्रेचर पर ले जाया गया। आखिर क्या हुआ था दुष्यंत को? इसका खुलासा भी हुआ।
दरअसल, दुष्यंत की तबीयत बेहद खराब थी। जब वह स्टेज पर गिरे और उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाया गया तो पता चला कि दुष्यंत को हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) था। स्टेज पर वह बेहोश होते-होते बचे। उनका तुरंत उपचार कराया गया। यह एक मिसाल ही है कि देशभक्ति और खेल के प्रति जुनून एथलीट्स से उसका सर्वश्रेष्ठ निकालता है चाहे वह बीमार ही क्यों न हो।
What does it take to win a medal at the Asian Games? Dushyant Singh stuck it out through high BP to win India’s first bronze in rowing. He threw up at the prize ceremony and had to be stretchered out afterwords. pic.twitter.com/0zI3ZntcUg
भारतीय रोअर्स ने भी मौजूदा एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन किया है। छठें दिन भारत ने रोइंग में एक गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया। दुष्यंत के बाद भारत के रोहित कुमार और भगवान सिंह ने पुरुषों की लाइटवेट डबल्स स्कल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता। फिर भारतीय रोइंग टीम ने (नौकायन) पुरुषों की क्वाडरपल स्कल्स स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता।