भारत के लिहाज से कॉमनवेल्थ गेम्स में मंगलवार का दिन बेहद लकी रहा। स्टार शूटर हीना सिद्धू ने देश की शुरुआत सोने पर निशाना लगाकर की। 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में ऑस्ट्रेलिया की एलेना गैलियाबोविच ने सिल्वर और मलेशिया की आलिया सजाना अजाहारी ने ब्रॉन्ज जीता। गोल्ड पर निशाना लगाते ही हिना के कोच पति रौनक पंडित ने उन्हें गोद में उठा लिया। दिलचस्प है कि रौनक कोच के साथ-साथ हीना के पति भी है।
शूटिंग रेंज में हीना ने जैसे ही गोल्ड मेडल जीता, पीछे मुड़ीं और अपने पति रौनक पंडित के गले लग गईं। रौनक ने भी उन्हें खुशी में गोद में उठा लिया। इन यादगार लम्हों के बाद हिंदुस्तान टाईम्स से विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि किस तरह इस सपने को पूरा करने के लिए हीना की ट्रेनिंग पूरी हुई। बकौल रौनक, 'मैंने स्पेशल प्लान बनाया, जहां शूटिंग रेंज के आसपास खूब शोरगुल, हवा की तेज स्थिति पैदाकर प्रैक्टिस करवाई ताकि वो खराब से खराब हालातों से भी उबरने की आदि हो जाए। आगे स्लाइड में जानिए कैसे हुई दोनों की मुलाकात....
हीना और रौनक के बीच जान-पहचान 2012 लंदन ओलंपिक से पहले हुई थी। हीना को जब पता चला कि वो लंदन ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली हैं, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था, लेकिन उनके पास तैयारी के लिए महज चार महीने का समय बचा था। हिना ने जब तैयारी शुरू की तो शूटिंग रेंज में रौनक भी हुआ करते थे, यहां से दोनों की जान-पहचान शुरू हुई। रौनक अपना खेल भूलकर हीना को ओलंपिक के लिए तैयार करने में जुट गए।
जल्द ही दोनों को एहसास हो गया कि वो एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते, बाद में दोनों ने शादी करने का फैसला ले ही लिया। अब दोनों अपनी जिंदगी की हर हार-जीत साथ में ही सेलिब्रेट करते हैं।
वैसे हीना का शूटिंग को करियर के रूप में चुनना भी कम दिलचस्प नहीं है। अगस्त 1989 में पंजाब के लुधियाना में पैदा हुई हीना सिद्धू के भाई करनवीर सिंह जूनियर स्तर पर शूटिंग मुकाबलों में हिस्सा ले चुके हैं। हीना के पिता राजदीप सिंह सिद्धू, एक्साइज एंड टैक्सेशन महकमे में उच्चाधिकारी रहे हैं। हीना सिद्धू बीडीएस कर चुकी हैं और वह न्यूरोलॉजिस्ट बनना चाहती थी, लेकिन शूटिंग का शौक था।