भारतीय पुरुष हॉकी टीम की पूर्व कप्तान सरदार सिंह ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले लिया है। सरदार ने कहा कि उन्होंने एशियाई खेलों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद यह फैसला किया जिसमें भारत अपने खिताब का बचाव करने में असफल रहा और उसे कांस्य पदक के साथ संतोष करना पड़ा।
हॉकी के मैदान पर 12 साल तक प्रतिद्वंद्वियों को शिकस्त देने में माहिर इस करिश्माई खिलाड़ी ने संन्यास का ऐलान करते वक्त कहा कि 12 साल का समय बहुत लंबा होता है। अब भविष्य की पीढ़ी का जिम्मेदारी संभालने का समय आ गया है। आइए हॉकी के खेल में कई बड़ी उपलब्धियों को अपने नाम करने वाले सरदार सिंह के बारे में कुछ दिलचस्प बातें जानते हैं....
पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान सरदार सिंह का जन्म 15 जुलाई 1986 को हरियाणा के रानिया में हुआ था। हॉकी में उनके कलात्मक खेल और अतुल्नीय योगदान के लिए उन्हें देश के चौथे सबसे सर्वोच्च सम्मान पद्मश्री से साल 2015 में नवाजा गया था।
इंटरनेशनल हॉकी में सरदार सिंह के नाम सबसे कम उम्र में कप्तान बनने का रिकॉर्ड है। सुल्तान अजलान शाह कप (2008) में उन्हें जब कप्तानी सौंपी गई थी, तब उनकी उम्र महज 22 वर्ष थी।
बहुत कम लोग यह बात जानते हैं कि सरदार सिंह हरियाणा पुलिस में बतौर उप-अधीक्षक भी तैनात हैं। अपनी ड्यूटी करते हुए भी उन्होंने लगातार हॉकी खेली है। भारतीय हॉकी टीम के लिए सेंट्रल हाफ से लंबे समय तक खेलने वाले इस जादुई खिलाड़ी ने अपनी जबर्दस्त स्किल ने प्रतिद्वंद्वियों को छकाया है।
हॉकी इंडिया लीग के पहले संस्करण में सरदार सिंह सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे। इस सीजन में सरदार सिंह को उनकी टीम ने सबसे ज्यादा 42.49 रुपये खर्च कर अपनी टीम में शामिल किया था।