कतर में फुटबॉल विश्व कप अपने आखिरी चरण में पहुंच गया है। गत चैंपियन फ्रांस और दो बार की विजेता अर्जेंटीना की टीम फाइनल में पहुंच गई है। दोनों के बीच खिताबी मुकाबला रविवार (18 दिसंबर) को लुसैल स्टेडियम में खेला जाएगा। अर्जेंटीना ने पहले सेमीफाइनल में क्रोएशिया को 3-0 और फ्रांस ने दूसरे सेमीफाइनल में मोरक्को को 2-0 से हराया। अब दोनों टीमें पहली बार फाइनल में आमने-सामने होंगी।
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मैच के दौरान अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी
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अर्जेंटीना की टीम जब रविवार को खिताबी मुकाबले में उतरेगी तो उसकी नजर फ्रांस से हिसाब चुकता करने पर भी होगी। पिछले विश्व कप (2018) में फ्रांस ने प्री-क्वार्टर फाइनल में लियोनल मेसी की टीम 4-3 हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। अर्जेंटीना की नजर तीसरी बार चैंपियन बनने पर है। उसने 1978 और में खिताब अपने नाम किया था। वहीं, फ्रांस 1998 और 2018 में चैंपियन बना था।
इस बार कई ऐसे संयोग बन रहे हैं जो अर्जेंटीना को चैंपियन बनाने के पक्ष में हैं। हम चार संयोगों के बारे में आपको यहां बता रहे हैं:
1. स्पेन की तरह कमाल कर सकता है अर्जेंटीना
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इकर कैसिलास के हाथों में वर्ल्ड कप ट्रॉफी (स्पेन टीम के साथ)
- फोटो : सोशल मीडिया
लियोनल मेसी की अर्जेंटीना इस विश्व कप में सऊदी अरब के खिलाफ पहला मैच हार गई थी। फिर उसने वापसी की और फाइनल में जगह बनाई। 2010 में स्पेन के साथ भी ऐसा हुआ था। उसे अपने पहले मुकाबले में स्विट्जरलैंड के खिलाफ 0-1 से हार मिली थी। फिर स्पेन ने वापसी की और खिताब पर कब्जा कर लिया। पहला पहला मैच हारने के बाद चैंपियन बनने वाली पहली टीम बनी थी। अब अर्जेंटीना के पास स्पेन जैसी उपलब्धि हासिल करने का मौका है।
2. पेनल्टी से जुड़ा यह अहम संयोग
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पोलैंड के खिलाफ लियोनल मेसी पेनल्टी पर गोल करने से चूक गए थे
- फोटो : FIFA
अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी ग्रुप दौर के तीसरे मैच में पोलैंड के खिलाफ पेनल्टी पर गोल करने से चूक गए थे। इससे पहले 1978 और 1986 में जब अर्जेंटीना की टीम चैंपियन बनी थी तो तीसरे मैच में ही उसके खिलाड़ी पेनल्टी पर गोल नहीं कर पाए थे। 1978 में हंगरी के खिलाफ तीसरे मैच में अर्जेंटीना के मारियो केम्पेस पेनल्टी पर गोल नहीं कर पाए थे। फिर 1986 में डिएगो माराडोना ग्रुप दौर के तीसरे मैच में बुल्गारिया के खिलाफ पेनल्टी चूक गए थे। अब देखना है कि इस बार अर्जेंटीना की टीम तीसरे मैच में पेनल्टी चूकने के बाद चैंपियन बनती है या नहीं।
3. मोरक्को, कनाडा और बेल्जियम का संयोग
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हार के बाद निराश बेल्जियम के स्टार खिलाड़ी रोमेलू लुकाकू और केविन डी ब्रुइन
- फोटो : FIFA World Cup/Twitter
इस बार मोरक्को की टीम अपने ग्रुप-एफ में पहले, बेल्जियम तीसरे और कनाडा चौथे स्थान पर रही। ऐसा 1986 में भी हुआ था। तब मोरक्को ग्रुप-एफ में पहले, बेल्जियम ग्रुप-बी में तीसरे और कनाडा ग्रुप-सी में चौथे स्थान पर रही थी। 1986 में अर्जेंटीना चैंपियन बनी थी। अब देखना है कि इस बार अर्जेंटीना को इस संयोग का लाभ मिलता है या नहीं।