राष्ट्रमंडल खेल 2026 के समापन समारोह में भारत ने अपनी समृद्ध संस्कृति, संगीत और परंपरा की ऐसी झलक पेश की कि ग्लास्गो का पूरा ओवीओ हाइड्रो एरीना तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। पूर्व मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर, प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन, गायिका भूमि त्रिवेदी और संगीतकार ऋषभ शर्मा की प्रस्तुति ने न सिर्फ भारतीय प्रशंसकों बल्कि विदेशी दर्शकों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई सिंगर-सॉन्गराइटर डेल्टा गुड्रम ने गायक कैमी बार्न्स के साथ मिलकर भी समां बांधा। इसी के साथ भारत ने आधिकारिक रूप से अहमदाबाद 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की उलटी गिनती भी शुरू कर दी।
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ल्टा गुड्रम और गायक कैमी बार्न्स
- फोटो : IANS
मानुषी छिल्लर बनीं भारतीय प्रस्तुति का चेहरा
समापन समारोह में राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी को सौंपे जाने के बाद पूरा मंच भारत के नाम हो गया। करीब 18 मिनट 27 सेकेंड की प्रस्तुति में मानुषी छिल्लर भारतीय संस्कृति और आधुनिक भारत की पहचान के प्रतीक के रूप में नजर आईं। उनकी मौजूदगी ने अहमदाबाद 2030 के सांस्कृतिक अभियान को वैश्विक मंच पर अलग पहचान दी।
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 क्लोजिंग सेरेमनी
- फोटो : IANS
'वंदे मातरम्' से शुरू हुई सांस्कृतिक यात्रा
भारतीय प्रस्तुति की शुरुआत 'भारत, जहां खेल जीवन का हिस्सा हैं' संदेश के साथ हुई। इसके बाद 'वंदे मातरम्', 'शिव स्तोत्र' और 'सुनो गौर से दुनिया वालों' जैसे गीतों की गूंज पूरे स्टेडियम में सुनाई दी। हजारों भारतीय प्रशंसक तिरंगा लहराते हुए झूम उठे, जबकि विदेशी दर्शक भी भारतीय संगीत और नृत्य की ताल पर थिरकते नजर आए। कार्यक्रम में 'वसुधैव कुटुंबकम' की थीम के जरिए भारत ने शांति, एकता और समावेशिता का संदेश दिया। पारंपरिक भारतीय नृत्य, रंग-बिरंगी वेशभूषा और आधुनिक तकनीक के मेल ने प्रस्तुति को यादगार बना दिया।
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मानुषी छिल्लर
- फोटो : IANS
भारतीय और स्कॉटिश संगीत का अनोखा संगम
समारोह के दौरान भारतीय संगीतकार ऋषभ शर्मा और स्कॉटलैंड के कलाकार रॉस एन्सली ने संयुक्त संगीत प्रस्तुति दी। भारतीय और स्कॉटिश संगीत का यह अनूठा संगम ग्लास्गो से अहमदाबाद तक राष्ट्रमंडल खेलों की यात्रा का प्रतीक बना।
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 क्लोजिंग सेरेमनी
- फोटो : IANS
शंकर महादेवन की प्रस्तुति पर झूम उठा स्टेडियम
समापन प्रस्तुति का सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब शंकर महादेवन, भूमि त्रिवेदी और ऋषभ शर्मा ने मंच संभाला। भारतीय संगीत की धुनों पर पूरा स्टेडियम तालियां बजाता और झूमता नजर आया। इस प्रस्तुति ने दुनिया को यह संदेश दिया कि अहमदाबाद 2030 केवल खेलों का आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का भी भव्य उत्सव होगा।