Chandra Grahan January 2020: 10 जनवरी को साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा जो मिथुन राशि में लगेगा। ग्रहण काल की अवधि को धर्म, ज्योतिष और धार्मिक नजरिए से अशुभ समय माना जाता है। ग्रहण के दौरान लगने वाला सूतक काल भी अशुभ समय होता है। आइए जानते हैं ग्रहण का समय, अवधि और सूतक काल..
Chandra Grahan January 2020: 10 को चंद्र ग्रहण, जानें समय, सूतक और गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानियां
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चंद्र ग्रहण का समय (Chandra Grahan January 2020 Date and Time in India)
पंचांग के अनुसार, साल का पहला चंद्र ग्रहण 10 जनवरी की रात को 10 बजकर 39 मिनट में लगेगा, जो 11 जनवरी की रात 2 बजकर 40 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे से भी अधिक रहेगी। यह ग्रहण भारत सहित एशिया के अन्य देशों, यूरोप, अफ्रीका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में दिखाई देगा।
ग्रहण का सूतक काल
ज्योतिष विद्वानों के अनुसार इस बार चंद्र ग्रहण में सूतक काल नहीं लगेगा। सामान्य रूप से चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण लगने से नौ घंटे पूर्व लग जाता है। यह अशुभ समय होता है जिसमें कई कार्यों को वर्जित माना गया है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों पर ग्रहण के सूतक काल का प्रभाव नहीं पड़ता है।
- ग्रहण के दौरान गर्भवती स्त्रियों को किसी भी नुकीली चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जैसे चाकू, कैंची, सूई आदि। शास्त्रों में यह भी कहा जाता है कि न सिर्फ गर्भवती महिलाएं बल्कि उनके पति भी इस समय इन चीजों का इस्तेमाल करने से बचें। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से उसके शिशु के अंगों को हानि पहुंच सकती है।
- ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को बाहर नहीं निकलना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि गर्भवती महिला अगर ग्रहण देख लेती है तो उसका सीधा असर उसके होने वाले बच्चे की शारीरिक और मानसिक सेहत पर पड़ता है। जन्म के बाद बच्चे के शरीर पर कोई न कोई दाग जरूर पड़ जाता है।