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Kabir Jayanti 2019: आज है कबीर जयंती, जीवन के भंवर से निकलने के लिए जरूर पढ़ें उनकी ये अमृतवाणी

Mon, 17 Jun 2019 08:31 AM IST
Kashish Mishra कशिश मिश्रा
Updated Mon, 17 Jun 2019 08:31 AM IST
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kabir jayanti 2019 kabir das motivational quotes for success

भारत की भूमि पर कई महापुरुषों और संतों ने जन्म लिया है। जिन्होंने समाज में व्याप्त तमाम तरह के पाखंड का विरोध करते हुए लोगों को सही दिशा दिखाने का काम किया। ऐसे ही महान हुए थे संत कबीरदास जी, जिनकी जयंती इस साल 17 जून को मनाई जाएगी। कबीर की वाणी अमृत के समान है, जो व्यक्ति को आज भी नया जीवन देने का काम कर रही है। कबीर के दोहे गागर में सागर के समान हैं। आइए कबीरदास जी के ऐसे ही  लोकप्रिय दोहे का अर्थ जानते हैं जो हमें अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश में ले जाने का काम करते हैं...

kabir jayanti 2019 kabir das motivational quotes for success
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय,
जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।

 

अर्थ-संत कबीर दास जी कहते हैं कि जब मैं इस संसार में बुराई ढूंढने निकला तो मुझे खुद बुरा कोई नहीं मिला। जब मैंने अपने अंदर झांक कर देखा तो मुझे एहसास हुआ कि इस संसार में मुझसे बुरा कोई व्यक्ति नहीं है। 
 

kabir jayanti 2019 kabir das motivational quotes for success
पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय,
ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय।

 
अर्थ-संत कबीर कहते हैं इस संसार में भले ही लोग कितनी बड़ी-बड़ी पुस्तकें क्यों न पढ़ लें, लेकिन वो तब तक विद्वान नहीं बन सकते जब तक वह प्रेम का ढाई अक्षर न पढ़ ले। प्रेम के ढाई अक्षर पढ़ने वाला ही इस संसार में 
असल ज्ञानी है। उससे बड़ा विद्वान कोई और नहीं है। 

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साधु ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय,
सार-सार को गहि रहै, थोथा देई उड़ाय।

 
अर्थ- संत कबीर कहते हैं कि इस संसार को चलाने के लिए ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जैसे अनाज साफ करने वाला सूप होता है। जो साफ समान को बचा लेता है और गंदा को बाहर निकालकर फेंक देता है। 
 
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तिनका कबहुँ ना निन्दिये, जो पाँवन तर होय,
कबहुँ उड़ी आँखिन पड़े, तो पीर घनेरी होय।


अर्थ-कबीरदास जी कहते हैं, कभी भी किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए। जैसे एक छोटे से तिनके को आप कुचलकर आगे बढ़ जाते हैं, अगर वहीं तिनका आपके आंख में पड़ जाएं तो आपको बहुत पीड़ा होगी। आप कोई काम नहीं कर पाएंगे।  

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