महात्मा विदुर धृतराष्ट्र के भाई थे। इनके पिता ऋषि वेदव्यास थे। विदुर का जन्म एक दासी के गर्भ से हुआ। यही एक बड़ा कारण रहा जिसके चलते तमाम गुणों से संपन्न होने के बाद भी इन्हें राजा नहीं बनाया गया। महात्मा विदुर कुशाग्र बुद्धि के धनी थे। अपने समय के ये बहुत बड़े विद्वान पुरुष थे। इन्होंने उस समय धर्म, राजनीति, समाज, आदि विभिन्न विषयों पर अपने मतों को खुलकर व्यक्त किया। इन्हीं विशेषताओं के चलते महात्मा विदुर को हस्तीनापुर का महामंत्री बनाया गया था। इनके द्वारा दी गई शिक्षा आज के समय में भी काफी प्रासंगिक है। आपको बता दें कि विदुर और धृतराष्ट्र के मध्य हुए वार्तालापों को ही विदुर नीति के नाम से जाना जाता है। ऐसे में आज हम महात्मा विदुर द्वारा कही गई उन बातों को जानेंगे, जिनको व्यवहार में लाने से व्यक्ति के जीवन में खूब तरक्की होती है। इससे उसका जीवन सफल हो जाता है।
Vidur Niti: महात्मा विदुर की इन बातों का जरूर रखें ध्यान, जीवन में होगी खूब तरक्की
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संकल्प सिंह
Updated Wed, 14 Jul 2021 07:06 PM IST
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