Shankh Bajane Ke Niyam: हिंदू परंपराओं में शंख को अत्यंत शुभ माना गया है। अधिकतर हर शुभ काम की शुरुआत शंखनाद से होती है। माना जाता है कि शंख की ध्वनि वातावरण में मौजूद नकारात्मकता को दूर करती है और एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। इसी सकारात्मक प्रभाव के कारण सदियों से घर-घर में पूजा के समय शंख बजाने की परंपरा चली आ रही है। शंख सिर्फ आध्यात्मिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि इसे ऊर्जा, साहस और विजय का प्रतीक भी माना जाता रहा है। लेकिन वर्षों से एक सवाल उठता रहा है, क्या महिलाओं को शंख बजाने की अनुमति है? कुछ परिवारों में यह मान्यता है कि महिलाएं शंख नहीं बजातीं, जबकि कई स्थानों पर इसे धार्मिक नियम की तरह माना जाने लगा है। वास्तव में इस मान्यता की सच्चाई क्या है? क्या यह परंपरा, शास्त्रों पर आधारित है, या सिर्फ एक पुराना मिथक? आइए शास्त्रों, परंपराओं और ज्योतिषीय मान्यताओं के बारे में जानते हैं।
Shankh: क्या महिलाओं को नहीं बजाना चाहिए शंख? जानें यह मिथक है या सच
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Fri, 21 Nov 2025 12:03 PM IST
सार
Kya Mahila Shankh Baja Sakti Hai: कुछ परिवारों में यह मान्यता है कि महिलाएं शंख नहीं बजातीं, जबकि कई स्थानों पर इसे धार्मिक नियम की तरह माना जाने लगा है। वास्तव में इस मान्यता की सच्चाई क्या है? क्या यह परंपरा, शास्त्रों पर आधारित है, या सिर्फ एक पुराना मिथक? आइए शास्त्रों, परंपराओं और ज्योतिषीय मान्यताओं के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन