Vishwakarma Puja 2019: इस शुभ मुहूर्त में करें भगवान विश्वकर्मा की पूजा
जिसकी सम्पूर्ण सृष्टि और कर्म व्यापार है वह विश्वकर्मा है। सहज भाषा मे यह कहा जा सकता है कि सम्पूर्ण सृष्टि में जो भी कर्म सृजनात्मक है, जिन कर्मो से जीव का जीवन संचालित होता है। उन सभी के मूल में विश्वकर्मा है। अतः उनका पूजन जहां प्रत्येक व्यक्ति को प्राकृतिक ऊर्जा देता है वहीं कार्य में आने वाली सभी अड़चनों को खत्म करता है।
कैसे होगी कारोबार में वृद्धि? जानिए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 251 रूपये में। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)
ऐसे पूजें भगवान विश्वकर्मा
सर्वप्रथम श्री विश्वकर्मा जी की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री जैसे अक्षत, फूल, चंदन, धूप, अगरबत्ती, दही, रोली, सुपारी,रक्षा सूत्र, मिठाई, फल आदि की व्यवस्था कर लें। इसके बाद फैक्ट्री, वर्कशॉप, दुकान आदि के स्वामी को स्नान करके सपत्नीक पूजा के आसन पर बैठना चाहिए। कलश को अष्टदल की बनी रंगोली जिस पर सतनजा हो रखें। फिर विधि-विधान से क्रमानुसार स्वयं या फिर अपने पंडितजी के माध्यम से पूजा करें। ध्यान रहे कि पूजा में किसी भी प्रकार की शीघ्रता भूलकर न करें।
कैसे होगी कारोबार में वृद्धि? जानिए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 251 रूपये में। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)
कन्या संक्रान्ति पर विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया जाएगा। संक्रान्ति का पुण्य काल सुबह 7 बजकर 2 मिनट से शुरू होगा, जिसके बाद दिनभर पूजा की जा सकती है।
राहुकाल- 17 सितंबर 2019, शाम 3 बजकर 4 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा जिसमें पूजा नहीं की जा सकेगी।
कैसे होगी कारोबार में वृद्धि? जानिए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 251 रूपये में। अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)