फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

शुक्र प्रदोष व्रत पर बन रहा है खास संयोग? जानें तिथि, प्रदोष काल और पूजा विधि

Fri, 23 Oct 2026 06:10 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Fri, 23 Oct 2026 06:10 AM IST
सार

शुक्र प्रदोष व्रत 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व है। जानिए व्रत की सही तिथि, प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त, चौघड़िया समय और पूजा की संपूर्ण विधि।

विज्ञापन
Shukra Pradosh Vrat 2026 Date, Shubh Muhurat, Puja Vidhi and Choghadiya Timings
शुक्र प्रदोष - फोटो : amar ujala

Shukra Pradosh Vrat 2026 Date and Time: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। अक्टूबर 2026 का आखिरी प्रदोष व्रत 23 अक्टूबर, शुक्रवार को रखा जाएगा। शुक्रवार के दिन पड़ने के कारण इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से महादेव की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। इस बार त्रयोदशी तिथि दो दिनों तक रहने के कारण व्रत की तारीख को लेकर लोगों के मन में असमंजस हो सकता है। आइए जानते हैं शुक्र प्रदोष व्रत की तिथि, शुभ पूजा मुहूर्त, दिन और रात के चौघड़िया तथा पूजा करने की पूरी विधि।

Trending Videos
Shukra Pradosh Vrat 2026 Date, Shubh Muhurat, Puja Vidhi and Choghadiya Timings
कब है शुक्र प्रदोष व्रत - फोटो : freepik.com

कब है शुक्र प्रदोष व्रत?
पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजकर 36 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन 24 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1 बजकर 37 मिनट पर होगा। प्रदोष व्रत में सूर्यास्त के आसपास के प्रदोष काल को विशेष महत्व दिया जाता है। इसी कारण इस बार शुक्र प्रदोष व्रत 23 अक्टूबर, शुक्रवार को रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करने का विधान है।
 

Shukra Pradosh Vrat 2026 Date, Shubh Muhurat, Puja Vidhi and Choghadiya Timings
पूजा का शुभ समय - फोटो : freepik.com

पूजा का शुभ समय

  • प्रदोष पूजा शुरू होने का समय: शाम 5:43 बजे
  • प्रदोष पूजा समाप्त होने का समय: रात 8:16 बजे
  • पूजा की कुल अवधि: 2 घंटे 33 मिनट
विज्ञापन
विज्ञापन
Shukra Pradosh Vrat 2026 Date, Shubh Muhurat, Puja Vidhi and Choghadiya Timings
दिन का चौघड़िया - फोटो : adobe stock

दिन का चौघड़िया

23 अक्टूबर को दिन के चौघड़िया मुहूर्त इस प्रकार बताए गए हैं:

  • चर: सुबह 6:27 बजे से 7:51 बजे तक
  • लाभ: सुबह 7:51 बजे से 9:16 बजे तक
  • अमृत: सुबह 9:16 बजे से 10:41 बजे तक
  • काल: सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक
  • शुभ: दोपहर 12:05 बजे से 1:30 बजे तक
  • रोग: दोपहर 1:30 बजे से 2:54 बजे तक
  • उद्वेग: दोपहर 2:54 बजे से शाम 4:19 बजे तक
  • चर: शाम 4:19 बजे से 5:44 बजे तक

 रात का चौघड़िया
शुक्र प्रदोष व्रत की रात के चौघड़िया मुहूर्त इस प्रकार हैं:

  • रोग: शाम 5:44 बजे से 7:19 बजे तक
  • काल: शाम 7:19 बजे से 8:55 बजे तक
  • लाभ: रात 8:55 बजे से 10:30 बजे तक
  • उद्वेग: रात 10:30 बजे से 12:06 बजे तक (24 अक्टूबर)
  • शुभ: रात 12:06 बजे से 1:41 बजे तक (24 अक्टूबर)
  • अमृत: रात 1:41 बजे से 3:16 बजे तक (24 अक्टूबर)
  • चर: रात 3:16 बजे से 4:52 बजे तक (24 अक्टूबर)
  • रोग: सुबह 4:52 बजे से 6:27 बजे तक (24 अक्टूबर)
विज्ञापन
Shukra Pradosh Vrat 2026 Date, Shubh Muhurat, Puja Vidhi and Choghadiya Timings
कैसे करें भगवान शिव की पूजा - फोटो : adobe stock

कैसे करें भगवान शिव की पूजा?

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव का स्मरण करते हुए व्रत रखने का संकल्प लें।
  • घर के मंदिर की सफाई करें। लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर भगवान शिव तथा माता पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  • पूजा स्थल और आसपास गंगाजल छिड़ककर पूजा की तैयारी पूरी करें। इसके बाद धूप और दीप जलाएं।
  • भगवान शिव और माता पार्वती को ताजे फूल तथा माला चढ़ाएं। माता पार्वती को परंपरा के अनुसार कुमकुम, चुनरी और शृंगार सामग्री अर्पित कर सकते हैं।
  • शाम को प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल या दूध चढ़ाएं। अपनी परंपरा के अनुसार दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत अभिषेक भी कर सकते हैं। इसके बाद स्वच्छ जल अर्पित करें।
  • भगवान शिव को बेलपत्र, फल और फूल अर्पित करें। पूजा के दौरान मन में श्रद्धा और भक्ति का भाव रखें।
  • भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें। 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप किया जा सकता है। इसके बाद शुक्र प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें या सुनें।
  • पूजा के अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें। परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना करें।
  • व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार व्रत का पारण करें। पारण के नियमों के लिए स्थानीय पंचांग और पारिवारिक रीति का पालन करें।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed