कर्नाटक के मैसूर शहर में स्थित श्रवणबेलगोला में जैन महाकुंभ का आयोजन चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पवित्र श्रवणबेलगोला में भगवान बाहुबली का महामस्तकाभिषेक किया। इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी श्रवणबेलगोला में भगवान बाहुबली का दर्शन किया था।
श्रवणबेलगोला में ही प्रथम तीर्थकर भगवान ऋषभदेव के पुत्र बाहुभली को मोक्ष प्राप्त किया था। इससे पहले शनिवार 17 फरवरी को भगवान गोमतेश्वर बाहुबली के महामस्तकाभिषेक के साथ जैन महाकुंभ की शुरुआत हुई। यह महाकुंभ 25 फरवरी तक चलेगा। जैन महाकुंभ 12 साल के अंतराल में आता है।
भगवान बाहुबली की 57 फीट ऊंची प्रतिमा विंध्यागिरि पर्वत एक ही चट्टान को काटकर बनाई गई है। भगवान बाहुबली के महामस्तकाभिषेक के लिए देश के अलावा विदेश से लाखों भक्त श्रवणबेलगोला में शामिल हुए। भगवान बाहुबली की भव्य मूर्ति का निर्माण 981 में सेनापति चामुंडराय द्वारा कराया गया था। हर 12वें साल होने वाले इस महामस्तकाभिषेक में इस बार 35 से 40 लाख लोगों के आने की संभावना है। पिछली बार यह आयोजन 2006 में हुआ था और तब करीब 25 लाख लोग आए थे।
जैन अनुयायी के अनुसार यही हमारी काशी है। यही हमारा कुंभ है। इस आयोजन में जैन ही नहीं बल्कि दूसरे धर्म, संप्रदाय के लोग भी हिस्सा लेते हैं। महामस्तकाभिषेक के दौरान यहां जैन साधु, मुनि, त्यागी, संत, माताएं सभी होती हैं। भगवान बाहुबली के सत्य,अहिंसा और शांति के रास्ते पर चलने का संदेश देती हैं, ताकि विश्व के मानव समाज में शांति की स्थापना की जा सके।