हिंदू पंचांग में त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष माना गया है। हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में शिव आराधना करने से भक्तों को सुख-शांति और समृद्धि की कामना के साथ अपनी परेशानियों से मुक्ति की प्रार्थना करने का अवसर मिलता है। अश्विन मास के दौरान अक्तूबर 2026 में भी दो प्रदोष व्रत पड़ने वाले हैं। इनमें पहला व्रत कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी पर और दूसरा शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर रखा जाएगा। खास बात यह है कि पहला प्रदोष गुरुवार और दूसरा शुक्रवार को पड़ रहा है, इसलिए इन्हें गुरु प्रदोष और शुक्र प्रदोष कहा जाएगा। आइए जानते हैं दोनों प्रदोष व्रत की सही तारीख, तिथि और पूजा का शुभ समय।
अक्तूबर में दो प्रदोष व्रत का संयोग, जानें 8 को गुरु और 23 को शुक्र प्रदोष का शुभ मुहूर्त
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता सिंह
Updated Thu, 01 Oct 2026 01:55 PM IST
सार
अक्टूबर 2026 में भगवान शिव की आराधना के लिए दो प्रदोष व्रत पड़ेंगे। 8 अक्टूबर को गुरु प्रदोष व्रत और 23 अक्टूबर को शुक्र प्रदोष व्रत रखा जाएगा। जानें दोनों व्रतों की तिथि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व।
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