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Masik Shivratri 2021: 02 दिसंबर को है मार्गशीर्ष मास की शिवरात्रि, जानिए महत्व, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजन विधि व मंत्र

Sun, 28 Nov 2021 07:43 AM IST
शशि सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: शशि सिंह Updated Sun, 28 Nov 2021 07:43 AM IST
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Masik Shivratri 2021 date time shivratri shubh muhurat importance and puja vidhi of sivratri
मासिक शिवरात्रि - फोटो : istock

Masik Shivratri 2021: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। इस बार मार्गशीर्ष मास की शिवरात्रि का व्रत 02 दिसंबर 2021 दिन बृहस्पतिवार को रखा जाएगा। इस दिन भक्त व्रत करके भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन करते हैं। भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए यह दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब सर्वप्रथम शिव जी शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे, तो वह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की मध्य रात्रि का समय था। भगवान श्री हरि भगवान विष्णु व सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी ने सर्वप्रथम शिवलिंग का पूजन किया था। कहा जाता है कि इस कारण ही हर माह चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि के रूप में मनाते हैं। मान्यता है कि इस दिन विधि पूर्वक व्रत और पूजन करने से भगवान शिव की अपार कृपा प्राप्त होती है। जानिए मासिक शिवरात्रि का महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

Masik Shivratri 2021 date time shivratri shubh muhurat importance and puja vidhi of sivratri
मासिक शिवरात्रि का महत्व
मासिक शिवरात्रि का महत्व-

भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए शिवरात्रि का दिन सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन व्रत और पूजन करने से भगवान शिव प्रसन्न होते और अपने भक्तों से सभी कष्टों को हर लेते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से जीवन की समस्याओं का अंत होता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। 

Masik Shivratri 2021 date time shivratri shubh muhurat importance and puja vidhi of sivratri
मार्गशीर्ष शिवरात्रि शुभ मुहूर्त

मार्गशीर्ष शिवरात्रि शुभ मुहूर्त-
हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास की चतुर्दशी तिथि 02 दिसंबर 2021 दिन बृहस्पतिवार को रात 08 बजकर 26 मिनट से आरंभ हो जाएगी और 03 दिसंबर 2021 दिन शुक्रवार को शाम 04 बजकर 55 मिनट पर चतुर्दशी तिथि का समापन होगा। शिवरात्रि का पूजन रात्रि में करने का विधान है इसलिए इस बार शिवरात्रि का व्रत 02 दिसंबर को किया जाएगा।

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मासिक शिवरात्रि पूजन विधि - फोटो : istock
मासिक शिवरात्रि पूजन विधि व मंत्र-
  • इस दिन प्रातः काल स्नानादि करने के पश्चात दीप प्रज्वलित करें और व्रत का संकल्प लें।
  • शिवरात्रि की पूजा निशीथ काल (मध्य रात्रि) में करना का विधान है।
  • सर्वप्रथम स्वच्छ वस्त्र धारण करके पूजा स्थान को साफ कर लें। 
  • इसके बाद दूध, दही, घी, शहद, गन्ने का रस आदि चीजों से शिवलिंग का अभिषेक करें।
  • यह प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद गंगाजल से अभिषेक करें और शिवलिंग पर श्वेत चंदन लगाएं।
  • इस दौरान शिव जी के मंत्र ऊं नमः शिवाय का उच्चारण करते रहें और शिवलिंग के समक्ष दीप प्रज्वलित करें।
  • अब शिवलिंग पर बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, सफेद पुष्प आदि चीजें अर्पित करें। 
  • इसके बाद वहीं आसन पर बैठकर शिव चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र या पंचाक्षरी मंत्र का एक माला जाप करें।
  • पूजन पूर्ण होने के बाद आरती करें और त्रुटि के लिए क्षमा याचना करें।

महामृत्युंजय मंत्र-
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात्।।

शिव पंचाक्षरी मंत्र-
''नमः शिवाय''
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