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दुर्गा विसर्जन 2026: घर पर कैसे करें मां दुर्गा का विसर्जन? जानें कलश विसर्जन की सही विधि

Mon, 19 Oct 2026 12:19 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Mon, 19 Oct 2026 12:19 AM IST
सार

Durga Visarjan 2026: नवरात्रि के समापन पर मां दुर्गा की विदाई पूरे विधि-विधान से की जाती है। अगर आपने घर में कलश स्थापना की है, तो उसका विसर्जन कैसे करें? जानें मां दुर्गा की पूजा, कलश विसर्जन की सही विधि और जरूरी नियम।

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Maa Durga Visarjan 2026 Complete Guide to Maa Durga and Kalash Visarjan at Home
दुर्गा विसर्जन - फोटो : amar ujala

नवरात्रि का पावन पर्व मां दुर्गा की भक्ति, उपासना और श्रद्धा का प्रतीक है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं और घर में कलश स्थापना करके माता रानी से सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हैं। नवरात्रि के अंतिम दिन पूजा का समापन मां दुर्गा की आराधना, हवन, कन्या पूजन और कलश विसर्जन जैसी परंपराओं के साथ किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विसर्जन के दौरान मां दुर्गा को श्रद्धापूर्वक विदाई दी जाती है और उनसे परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की जाती है। कई भक्तों के मन में सवाल रहता है कि घर पर मां दुर्गा का विसर्जन कैसे करना चाहिए और कलश में रखे जल, नारियल, जौ तथा पूजा सामग्री का क्या करना चाहिए। यदि आपने नवरात्रि के दौरान घर में घटस्थापना की है, तो पूजा के समापन पर विधि-विधान से कलश पूजन करें, मां दुर्गा की आरती उतारें और अपनी पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा प्रार्थना करें। इसके बाद कलश में रखी सामग्री को अपनी पारिवारिक परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धापूर्वक संभालें। कलश विसर्जन की विधि अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में भिन्न हो सकती है। विसर्जन करते समय श्रद्धा के साथ स्वच्छता और पर्यावरण का ध्यान रखना भी जरूरी है। कलश के जल, जौ और अन्य प्राकृतिक पूजा सामग्री का उपयोग परंपरा के अनुसार किया जा सकता है। वहीं, प्लास्टिक, रासायनिक रंगों या अन्य गैर-जैविक सामग्री को नदियों और तालाबों में डालने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं घर पर मां दुर्गा का विसर्जन करने की सही विधि, कलश विसर्जन के नियम और पूजा की सामग्री से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें, ताकि नवरात्रि का समापन श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक भाव के साथ किया जा सके।

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दुर्गा प्रतिमा विसर्जन समय 2026 - फोटो : AI

दुर्गा विसर्जन से पहले जरूर करें ये पूजा
दुर्गा विसर्जन से पहले मां दुर्गा की विधिवत पूजा करें। सबसे पहले मां को प्रणाम करके नौ दिनों तक अपने घर में विराजने के लिए उनका आभार व्यक्त करें। इसके बाद रोली, अक्षत, फूल, फल, मिठाई और अपनी श्रद्धा के अनुसार वस्त्र अर्पित करें। मां दुर्गा की आरती करें और परिवार की सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य तथा समृद्धि के लिए प्रार्थना करें। कुछ परंपराओं में विसर्जन के दिन मां जया-विजया, शमी और अपराजिता की पूजा करने का भी विधान बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इनकी पूजा विजय, साहस और शुभ कार्यों में सफलता की कामना से की जाती है। पूजा के दौरान घर के सभी सदस्य श्रद्धापूर्वक शामिल हो सकते हैं।

Maa Durga Visarjan 2026 Complete Guide to Maa Durga and Kalash Visarjan at Home
मां दुर्गा को सिन्दूर अर्पित करते समय रखें ध्यान - फोटो : अमर उजाला

मां दुर्गा को सिन्दूर अर्पित करते समय रखें ध्यान
नवरात्रि और विजयादशमी से जुड़ी कई परंपराओं में मां दुर्गा को सिन्दूर अर्पित करने का विशेष महत्व माना जाता है। कुछ स्थानों पर महिलाएं मां को सिन्दूर चढ़ाकर एक-दूसरे को सिन्दूर लगाती हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। यह परंपरा विशेष रूप से बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान प्रचलित है। हालांकि, सिन्दूर अर्पित करने की विधि अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों की परंपराओं के अनुसार भिन्न हो सकती है। इसलिए पूजा करते समय अपने घर की परंपरा और स्थानीय रीति-रिवाजों का पालन करें।

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Maa Durga Visarjan 2026 Complete Guide to Maa Durga and Kalash Visarjan at Home
यदि कलश में बचा हुआ जल अधिक हो, तो उसे किसी साफ स्थान पर लगे पौधे या गमले में डाल सकते हैं। - फोटो : adobe

कलश के जल का क्या करें?
नवरात्रि में स्थापित कलश के जल को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। पूजा संपन्न होने के बाद इस जल का श्रद्धापूर्वक उपयोग किया जाता है। प्रचलित परंपरा के अनुसार, आम के पत्तों की सहायता से जल का घर में छिड़काव किया जा सकता है। कुछ लोग इसे घर के पूजा स्थल में भी अर्पित करते हैं। यदि कलश में बचा हुआ जल अधिक हो, तो उसे किसी साफ स्थान पर लगे पौधे या गमले में डाल सकते हैं। ध्यान रखें कि जल का उपयोग स्वच्छता और पौधे की जरूरत के अनुसार करें। धार्मिक मान्यताओं में इसे शुभता और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है।

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कलश के नारियल और सिक्के को लेकर क्या मान्यता है? - फोटो : Adobe Stock

कलश के नारियल और सिक्के को लेकर क्या मान्यता है?
नवरात्रि के दौरान कलश के ऊपर रखा नारियल पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। विसर्जन के बाद इसे लेकर अलग-अलग परिवारों में अलग-अलग परंपराएं निभाई जाती हैं। कुछ लोग नारियल को प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों में बांटते हैं, जबकि कुछ इसे लाल कपड़े में लपेटकर पूजा स्थल पर रखते हैं। इसी तरह, कलश में रखा सिक्का निकालकर पूजा के बाद घर के मंदिर या तिजोरी में रखने की परंपरा भी कुछ परिवारों में प्रचलित है। इसे मां दुर्गा के आशीर्वाद और समृद्धि के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इन परंपराओं का पालन अपनी श्रद्धा और पारिवारिक रीति के अनुसार किया जा सकता है।

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