Kuber Dev Mantra : कुबेर महराज धन के देवता कहे जाते हैं। धन, सुख और समृद्धि के लिए लोग देवी लक्ष्मी के साथ कुबेर देव की भी पूजा करते हैं। हिंदू धर्म में माता लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है। यही वजह है कि धनतेरस की रात को माता लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। मान्यता है कि कुबेर देवता की सच्चे मन और श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना करने पर मनष्य को कभी भी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है। यदि आप भी जीवन में धन धान्य चाहते हैं, तो रोजाना कुबेर देव के मंत्र का बार जाप कर सकते हैं। ऐसा करने से कुबेर देव प्रसन्न होंगे और आपके जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होगी। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं कुबेर देव के कुछ प्रभावशाली मंत्र इनका नियमित रूप से जाप करने से मनुष्य को किसी भी तरह की आर्थिक या धन संबंधित परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। आइए जानते हैं उन मंत्रों के बारे में...
Kuber Dev Mantra : कुबेर देव के ये प्रभावशाली मंत्र दूर करेंगे दरिद्रता, कभी नहीं होगी रुपये पैसों की कमी
भगवान कुबेर का अमोघ मंत्र
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये
धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
ये कुबेर देव का सबसे प्रिय मंत्र है। मान्यता है कि इस मंत्र का रोजाना कम से कम एक माला जाप करने से जातक की सारी आर्थिक परेशानियां खत्म हो जाती हैं। साथ ही इस मंत्र का जाप लगातार तीन महीने तक करने से जातक को किसी भी तरह के धन-धान्य की कमी नहीं होती।
अष्ट लक्ष्मी कुबेर मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥
ये मंत्र माता लक्ष्मी और कुबेर देवता का माना जाता है। मान्यता है कि जिस व्यक्ति को जीवन में ऐश्वर्य, पद, प्रतिष्ठा, सौभाग्य की प्राप्ति की अभिलाषा है वह इस मंत्र को सच्चे श्रद्धा भाव के साथ नियमित रूप से करें। वहीं अधिक लाभ पाने के लिए इस मंत्र की साधना शुक्रवार की रात को करनी चाहिए।
धन प्राप्ति के लिए कुबेर मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥
कुबेर देव के इस मंत्र से व्यक्ति को हर तरह के भौतिक सुख प्राप्त होते हैं। कहा जाता है कि जो व्यक्ति इस मंत्र का नियमित रूप से जाप करता है उसे अपने जीवन काल में कभी भी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता।
इस तरह करें मंत्र का जाप
कुबेर देव के मंत्र का जाप करते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि जाप करते समय आपका मुख दक्षिण दिशा में हो। साथ ही मंत्र का जाप करते समय धनलक्ष्मी कौड़ी को अपने पास जरूर रखें।