भारत के हर कोने में कई तरह की पंरपरा है। खान-पान के अपने नियम है। हर धर्म में भोजन ग्रहण करने के अलग अलग नियम है। जैन मुनि की आहारचर्या अचंभित करने वाली है। इनके कठोर नियमों के चलते कई दिनों तक भूखा भी रहना पड़ता है। जैन मुनि २4 घंटे में सिर्फ एक बार भोजन और पानी पीते हैं, इसका भी अपना तय समय है। यदि उन्हें निश्चित धारणा नहीं मिलती है, तो वैसे ही वापस लौट जाते हैं। इनकी आहारचर्या इनकी साधना का अहम हिस्सा है। यह स्वाद के लिए भोजन नहीं करते हैं। यह धर्म साधना के लिए भोजन करते हैं। यह साधना आम इंसान के लिए काफी कठिन होती है।
जिस श्रद्धालु के पास नहीं दिखती ये 3 चीज, जैन मुनि नहीं करते वहां भोजन, जानें क्यों
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
Updated Fri, 04 Aug 2017 10:18 AM IST
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इस तरह से होती है इनकी आहारचर्या
अगले दिन का करते हैं इंतजार
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