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गुणों के गणपति : जानें भगवान गणेश के शरीर से लेकर सवारी का क्या है संदेश

पं. जयगोविंद शास्त्री, ज्योतिर्विद् Updated Fri, 12 Jul 2019 08:58 AM IST
गणपति से जुड़े आध्यात्मिक रहस्य
गणपति से जुड़े आध्यात्मिक रहस्य - फोटो : Rohit Jha
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'गणानां जीवजातानां य ईशः स गणेशः' अर्थात् जो समस्त गणों तथा जीव-जाति के स्वामी हैं वही गणेश हैं। गणेश विगत 6 मनवंतर में अनेकों बार जगत कल्याण हेतु जन्म ले चुके हैं, किन्तु जिन भगवान गणेश का आजकल हम भजन-पूजन करते हैं, जो सभी के अंतर्मन में विराजते हैं, इन भगवान गणेश का जन्म सातवें वैवस्वत मनवंतर के मध्य श्वेतवाराह कल्प में भादौं माह की शुक्लपक्ष चतुर्थी तिथि सोमवार को स्वाति नक्षत्र की सिंह लग्न में नारायणास्त्र 'चक्रसुदर्शन' मुहूर्त (अभिजित) में हुआ था। उस समय सभी शुभ ग्रह ने मिलकर इनकी कुंडली में पंचग्रही योग बनाए थे। बाकी पाप ग्रह अपने कारक भाव में बैठे थे। 
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पंचभूत में जल तत्व के अधिपति हैं गणेश

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