कोरोना ने हर त्योहार का रंग फीका कर दिया है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो। कोरोना का साया इस बार भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पर पड़ता हुआ भी नजर आ रहा है। क्योंकि उड़ीसा में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। इस कारण यात्रा को लेकर पूर्ण सतर्कता बरती जा रही है।
अक्षय तृतीया से रथ का निर्माण होना शुरू हो जाता है। इस बार भी रथ का निर्माण करना शुरू कर दिया गया है, तैयारियां पूरे जोश के साथ की जा रही हैं। उड़ीसा में कोरोना की वजह से राज्य सरकार द्वारा सभी धार्मिक स्थानों को 30 जून तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। तो वहीं जगन्नाथ मंदिर के पट भी भक्तों के लिए 5 जुलाई तक बंद रहेंगे।
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Lord Jagannath yatra
- फोटो : amarujala
जयेष्ठ पूर्णिमा के दिन यहां स्नान उत्सव मनाने की परंपरा है, इसके मद्देनजर प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए 5 से 6 जून तक यहां पर धारा 144 लागू कर दी है। इस उत्सव में भगवान जगन्नाथ को कई तीर्थ स्थानों के जल में सुगंध मिलाकर स्नान कराने की परंपरा है, इस बार स्नान यात्रा को मंदिर के अंदर ही आयोजित किया जाएगा। इसमे शामिल होने वाले सेवकों को गरबाडू कहते हैं, इन सेवकों का कोरोना टेस्ट कराया गया है यदि टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आती है तभी इन्हें शामिल किया जाएगा।
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रथ यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
जगन्नाथ मंदिर प्रशासन और केंद्र सरकार ने मिलकर यह फैसला किया है कि इस बार आम भक्तों के शोभा यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जहां से रथ खींचने की शुरुआत की जाती है उस स्थान के “बड़ा डंडा” कहा जाता है। इस बार यहां पर केवल मंदिर समिति और सुरक्षाबलों को आने दिया जाएगा। हर बार की तरह इस बार भी दूरदर्शन पर इसको प्रसारित किया जाएगा। जितने दिन भगवान जगन्नाथ यात्रा का उत्सव चलेगा उतने दिन तक पुरी आने वाली सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया है। साथ ही पुरी से जुड़े सभी हाइवे भी यात्रा तक बंद रहेंगे।