Dussehra Ash Remedies India: हर साल विजय दशमी यानी दशहरा के पावन पर्व पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया जाता है। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है और रावण जलने के साथ ही यह पर्व संपन्न हो जाता है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि रावण दहन के तुरंत बाद वहां मौजूद लोग पुतले की बची हुई राख को समेटकर अपने घर ले जाने के लिए दौड़ पड़ते हैं?
रावण दहन के बाद घर क्यों लाई जाती है पुतले की राख? जानें इससे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Fri, 16 Oct 2026 07:30 PM IST
सार
Ravana Effigy Ash Beliefs: रावण दहन के बाद अक्सर बहुत से लोग पुतले का राख घर लेकर जाते हैं, बता दें कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे नकारात्मक ऊर्जा दूर करने का तरीका माना जाता है। आइए इस लेख में पुतले के राख के बारे में विस्तार से समझते हैं।
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