Hindi News
›
Photo Gallery
›
Spirituality
›
Religion
›
Eid ul Fitr 2021 Eid ul Fitr date Eid Chand Mubarak Mithi Eid Importance History Eid can be celebrated on 13 or 14 May
{"_id":"609a7fc0d3e0de22a23ec1bf","slug":"eid-ul-fitr-2021-eid-ul-fitr-date-eid-chand-mubarak-mithi-eid-importance-history-eid-can-be-celebrated-on-13-or-14-may","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Eid ul fitr 2021: भारत में इस दिन मनाई जाएगी ईद-उल-फितर, जानिए तारीख, महत्व और इतिहास","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
Eid ul fitr 2021: भारत में इस दिन मनाई जाएगी ईद-उल-फितर, जानिए तारीख, महत्व और इतिहास
हर साल इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब से रमजान के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाती है। इसे मीठी ईद भी कहा जाता है। इस दिन सभी रोजेदारों के रोजे पूरे हो जाते हैं। ईद मनाने की तारीख चांद दिखने के हिसाब से ही मुकम्मल की जाती है। जिस दिन चांद दिखता है, उस दिन को चांद मुबारक कहा जाता है। चांद दिखने के बाद लोग एक दूसरे को बधाइयां देते हैं। ईद के दिन लोग सुबह जल्दी उठकर फज्र की नमाज अदा करते हैं। इसके बाद एक दूसरे को बधाइयां देने के साथ ही ईद का त्योहार मनाया जाता है। चांद के हिसाब से अलग-अलग देशों में ईद की तारीख में फर्क हो सकता है। जानते हैं कि भारत में कब मनाई जाएगी ईद-उल-फितर, और क्या है इसका महत्व और इतिहास।
2 of 4
ईद-उल-फितर 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : internet
कब है ईद-उल-फितर 2021
रमजान का महीना शुरू होते ही मुस्लिम समाज के लोग रोजा रखना शुरू कर देते हैं। सबसे पहले सुबह उठकर तड़के सहरी खाई जाती है, फिर फज्र की नमाज के बाद पूरे दिन बिना कुछ खाए पिए रोजा रखा जाता है। पूरे एक माह तक रोजे रखने के बाद चांद का दीदार होने पर ईद मनाई जाती है। इस्लाम धर्म को मानने वाले लोगों के लिए यह बहुत ही खुशी का त्योहार होता है। इस बार अगर 12 मई को चांद का दीदार हो जाता है तो भारत में ईद-उल-फितर 13 मई 2021 दिन गुरुवार को मनाई जाएगी और अगर चांद का दीदार 13 मई को होता है तो ईद 14 मई 2021 दिन गुरुवार को मनाई जाएगी।
3 of 4
ईद-उल-फितर 2021
- फोटो : amar ujala
ईद-उल-फितर का महत्व
ईद-उल-फितर अल्लाह का शुक्रिया अदा करने का दिन है। इस दिन सुबह सबसे पहले नमाज अदा की जाती है। इसके बाद खजूर या कुछ मीठा खाते हैं। इसके साथ ही यह सद्भाव और खुशियों का त्योहार शुरु हो जाता है। लोग एक दूसरे के गले मिलते हैं और उपहार देते हैं। सभी रिश्तेदार और दोस्त एक दूसरे के घर जाते हैं। घरों में तरह-तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं। खासतौर पर इस दिन मीठी सैवईं बनाई जाती हैं। यह ईद-उल-फितर का प्रमुख पकवान है। इस दिन जकात (दान) भी अदा की जाती है। इस्लाम में अपनी कमाई का एक हिस्सा जकात अता फरमाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 4
ईद-उल-फितर 2021
- फोटो : amar ujala
इतिहास
ईद की शुरूआत मदीना नगर से से उस वक्त शुरु हुई थी, जब मोहम्मद मक्का से मदीना आए थे। मोहम्मद साहब ने कुरान में दो पवित्र दिनों को ईद के लिये निर्धारित किया था। इस तरह से साल में दो बार ईद मनाई जाती है। जिसे ईद-उल-फितर (मीठी ईद) और ईद-उल-अज़हा, (बकरीद) मनाई जाती है।
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।