चाणक्य की गिनती आज के समय में भी श्रेष्ठ विद्वानों में होती है। आचार्य चाणक्य ने तक्षशिला विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण की और फिर वही पर विद्यार्थियों को शिक्षा भी प्रदान की। वे एक योग्य शिक्षक भी थे।चाणक्य के अनुसार किसी भी माता-पिता के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि उनकी योग्य संतान होती है। संतान योग्य बनाने के लिए माता पिता की भूमिका अहम होती है। माता पिता के द्वारा ही संतान में श्रेष्ठ गुणों की नींव डाली जाती है। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि संतान को योग्य बनाना है तो बच्चों की परवरिश करते हुए कुछ बातों को ध्यान में रखना आवश्यक होता है।
चाणक्य नीति: बच्चों को योग्य बनाने के लिए माता-पिता को याद रखनी चाहिए ये बातें
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Wed, 20 Jan 2021 10:58 AM IST
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