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Bhutadi Amavasya 2023: अमावस्या आज, जानें चैत्र अमावस्या क्यों कहलाती है भूतड़ी अमावस्या ?

Tue, 21 Mar 2023 08:03 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Tue, 21 Mar 2023 08:03 AM IST
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Bhutadi Amavasya 2023 Date Time importance upay in Hindi
भूतड़ी अमावस्या का महत्व - फोटो : amar ujala

Kab Hai Bhutadi Amavasya 2023: प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या कहलाती है। पूरे वर्ष में 12 अमावस्या पड़ती हैं और सभी अमावस्या का अपना अलग महत्व है। चैत्र अमावस्या हिंदू वर्ष का अंतिम दिन होता है। चैत्र अमावस्या को हमारे धर्म में बहुत ही शुभ दिन माना जाता है। यह अमावस्या मार्च-अप्रैल के महीने में आती है। हालांकि, इस दिन का हमारी भारतीय संस्कृति में बहुत महत्व है। इस दिन धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियां की जाती हैं, जैसे स्नान, दान और सामग्री का दान। चैत्र अमावस्या को पितृ तर्पण जैसे अनुष्ठानों के लिए भी जाना जाता है। लोग कौवे, गाय, कुत्ते और यहां तक कि गरीब लोगों को भी भोजन कराते हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार अमावस्या को पूर्वज अपने वंशजों के यहां जाते हैं और उन्हें भोजन कराते हैं। चैत्र अमावस्या व्रत हिंदू धर्म में सबसे लोकप्रिय उपवासों में से एक है। अमावस्या व्रत या उपवास सुबह शुरू होता है और प्रतिपदा को चंद्रमा के दर्शन होने तक चलता है। इसे भूतड़ी अमावस्या भी कहते हैं। इस तिथि का महत्व बहुत अधिक माना गया है। आइए जानते हैं भूतड़ी अमावस्या की सही तिथि और इसका महत्व। 

Bhutadi Amavasya 2023 Date Time importance upay in Hindi
भूतड़ी अमावस्या का महत्व - फोटो : अमर उजाला

भूतड़ी अमावस्या तिथि 
चैत्र मास की अमावस्या तिथि आरंभ: 20 मार्च, रात्रि 01:47 से 
चैत्र मास की अमावस्या तिथि  समाप्त: 21 मार्च रात्रि 10:53 पर। 
उदयातिथि के अनुसार चैत्र अमावस्या 21 मार्च को मानी जाएगी। 

Bhutadi Amavasya 2023 Date Time importance upay in Hindi
भूतड़ी अमावस्या का महत्व - फोटो : Amar Ujala Digital

अमावस्या पर बन रहे हैं शुभ योग 
चैत्र अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या भी कहते हैं। और इस बार मंगलवार को पड़ने के कारण यह  भौमवती अमावस्या भी कहलाएगी। इस दिन शुभ, शुक्ल और सिद्धि नाम के 3 शुभ योग का भी निर्माण हो रहा है जो इस तिथि का महत्व और भी बढ़ा रहे हैं। 

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Bhutadi Amavasya 2023 Date Time importance upay in Hindi
भूतड़ी अमावस्या का महत्व - फोटो : अमर उजाला।

चैत्र अमावस्या क्यों कहलाती है भूतड़ी अमावस्या?
आप सबके मन में सवाल होगा कि अमवाया तो हर महीने आती है लेकिन सिर्फ चैत्र की अमावस्या को ही भूतड़ी अमावस्या क्यों कहा जाता है। आइए आपको इसके पीछे का कारण बताते हैं। दरअसल, भूत का अर्थ है नकारात्मक शक्तियां, कुछ अतृप्त आत्माएं अपनी अधूरी इच्छाएं पूरी करने के लिए जीवित लोगों पर अधिकार करने का प्रयास करती हैं और उग्र रूप धारण कर लेती हैं। इसी उग्रता को शांत करने के लिए नकरात्मक ऊर्जा से प्रभावित लोगों को शांत करने के लिए भूतड़ी अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान करवाया जाता है।

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Bhutadi Amavasya 2023 Date Time importance upay in Hindi
भूतड़ी अमावस्या का महत्व - फोटो : अमर उजाला।

क्या है इस तिथि का महत्व? 
कोई भी अमावस्या हो, इस दिन पितरों का श्राद्धकर्म करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। चैत्र अमावस्या में भी पितरों की आत्मा की शांति के लिए विशेष उपाय करने चाहिए। ऐसा माना जाता है कि चैत्र अमावस्या पर भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन से दर्द, संकट और नकारात्मकता को खत्म करने में मदद मिलती है। पुराणों में उल्लेख किया गया है कि इस शुभ दिन पर गंगा नदी में स्नान करने से आपके पापों और बुरे कर्मों का नाश होता है।अमावस्या तिथि पर भक्त अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध आदि भी करते हैं, ऐसा करने से  पितृ दोष खत्म होता है। 

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