Vat Purnima 2025: हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत को नारी शक्ति, प्रेम और त्याग का प्रतीक माना जाता है। इस पर्व पर सभी महिलाएं पति की लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इसके अलावा वट सावित्री व्रत पर वट वृक्ष की पूजा का विधान है। मान्यता है कि वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। इसलिए पेड़ की उपासना करने से महिलाओं को सभी देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। इस व्रत को साल में दो बार रखा जाता है, जिसमें पहला ज्येष्ठ अमावस्या और दूसरा ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि पर रखा जाता है।
Vat Purnima 2025: वट पूर्णिमा व्रत आज, जानें क्या करें और क्या न करें
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा कुमारी
Updated Tue, 10 Jun 2025 10:46 AM IST
सार
Vat Purnima 2025: पंचांग के मुताबिक इस बार ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 10 जून को सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर होगी। इसका समापन 11 जून को दोपहर 1:13 मिनट पर है। ऐसे में वट पूर्णिमा का व्रत 10 जून को रखा जा रहा है।
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